Maa bahan ki chudai ki hindi story:- कैसे हो लंड के राजाओं, और चूत की रानियों, मुझे आप लोगों के कमेंट पढ़के बहुत खुशी होती है। जल्द ही दूसरी सीरीज भी शुरू करूँगा जिसे पढ़के आपको और ज्यादा मजा आएगा। तो कमेन्ट करते रहो और कुछ लोग गालियां देते है की अगला पार्ट जल्दी डालो, ये वो, तो भाई सुन लो मुझे इस काम के पैसे तो मिलते नहीं, जब मुझे टाइम मिलेगा तभी तो लिखूँगा, लिखने और सोचने मे टाइम लगता है, और दूसरे काम भी होते है ।
अब मैं स्टोरी पर आता हूँ। पिछली बार मैंने आपको बताया कि किस तरह मैंने मम्मी की चुदाई की लेकिन सबा की चूत में अब तक मेरा लंड नहीं गया था। अनम की भी चूत का दरवाजा मेरे लिए खुल चुका था लेकिन वो सब मैं आपको बाद में बताऊँगा। अभी मैं सबा की स्टोरी को आगे प्रोसीड करूँगा लेकिन उससे पहले एक मिनी रिकैप…
बाय द वे जो लोग ये कहानी पहली बार पढ़ रहे उनसे गुजारिश है कि पहले पिछले 10 पार्ट्स जरूर पढ़ें आपको और ज्यादा मजा आएगा।
पार्ट 10 ==> बड़ी बहन ने मुठ मारते पकड़ा 10
रिकैप: मम्मी की चुदाई के बाद जब सबा ने मुझसे मम्मी के गले पे लव बाइट का पूछा तो मैंने उसे टाल दिया था लेकिन उसे शक तो हो चुका था। लेकिन शक तो मुझे सबा और अनम पर भी था क्योंकि आधी रात को मैंने अनम को सबा के रूम से निकलते हुए देखा।
अगले दिन अनम वाला इंसिडेंट हुआ जब वो ब्रालेस अपने फ्रेंड के यहाँ गई थी जो कि मेरे लिए एक टर्निंग पॉइंट था, और हाँ मेरा लंड भी छिल चुका था शायद मम्मी की अँगूठी से। ये सब पिछले पार्ट का एक मिनी रिकैप था। अब मैं आगे बढ़ता हूँ।
उस दिन मैं अनम को उसकी फ्रेंड नेहा के घर छोड़के आ गया, और अनम और मेरी कहानी वहीं से शुरू हुई लेकिन मैं अभी अनम के चैप्टर पे नहीं आना चाहता क्योंकि अनम की कहानी वन शॉट में नहीं हुई। काफी मेहनत के बाद चूत मिली मुझे अनम की..
बस अब इतना समझना काफी है कि उस दिन अनम को छोड़ने से लेके घर आने के बीच में जो कुछ हुआ उससे मेरा लंड खड़ा हो चुका था।
घर आते ही दिल किया कि मुठ मारूँ इसलिए मैं सीधे रूम में गया। रूम में देखा मम्मी हैं और मस्त अपनी मोटी सी गाँड मेरी तरफ किए हुए हैं।
मैंने गेट बंद किया और मम्मी की मैक्सी में चमक रही मोटी सी गाँड पकड़ ली। मम्मी घबरा गईं और सीधे मेरी तरफ देखा और बोलीं—
मम्मी: सबा और पापा घर में ही हैं।
और फौरन डोर खोलती हुई बाहर चली गईं।
मैं फिर बेड पे लेट गया और अपना लंड बाहर निकाल लिया। बहनचोद पूरा लंड लाल हो रहा था और छोटी बहन के प्यार में खड़ा हो चुका था। लेकिन बहुत पेनफुल कंडीशन थी, ऐसे में लंड पर हाथ लगाना तो नामुमकिन था।
फिर मैंने सोचा क्यों न सबा के मुँह का इस्तेमाल किया जाए। मैंने अंडरवियर उतारा और बस खड़े लंड पे लोअर चढ़ाके उसके रूम की तरफ चला गया।
मैं सबा के रूम में गया तो वो बेड पे उल्टी लेटी हुई थी। उसने एक लोअर पहना हुआ था। मैं उसके रूम में गया वो एक नॉवेल पढ़ रही थी।
मैंने चुपचाप से पीछे जाके उसका लोअर फौरन उतार दिया और सीधे उसकी गाँड के बीच में अपना मुँह दबा दिया। वो एकदम से मेरी तरफ देखने लगी और बोली—
सबा: साहिल, पापा और मम्मी घर में हैं।
मेरे मुँह से निकल गया—
मै: बस सब यही बोल रहे हैं।
ये बोलते ही मैं फौरन चुप हो गया और सबा भी चुप हो गई। फिर बोली—
सबा: सब कौन?
मै: तू ही तो सब कुछ मेरी।
सबा: नहीं बेवकूफ मत बना। बता सब कौन? मम्मी का बोल रहा है ना।
मै: नहीं सबा।
सबा: हाँ, मैंने तेरे चप्पल भी देखे थे रात को मम्मी के रूम के बाहर और तू रूम में नहीं था।
मै: हाँ उनसे मेडिसिन लेने गया था।
सबा: नहीं मैं तेरे रूम में गई थी रात को तू नहीं था और फिर तू बहुत देर बाद आया।
मै: वो मेडिसिन ढूँढ रही थीं।
सबा: ठीक है तू रुक मैं मम्मी से पूछके आती हूँ कि साहिल को कौन सी मेडिसिन दी।
फिर मैंने उसका हाथ पकड़ लिया। वो रुक गई और बोली—
सबा: मुझे सच बता मैं कुछ नहीं बोलूँगी।
अब मेरे दिमाग में कुछ नहीं आ रहा था। सब कुछ ब्लैकआउट हो चुका था।
फिर बिना मेंटोस खाए दिमाग की बत्ती जली और मैंने कहा—
मै: सबा देख जो मैं बताऊँ तू वो न किसी से बोलेगी और न ही मम्मी से इस बारे में जिक्र करेगी।
आप लोगों को लग रहा होगा कि मैंने सबा को मम्मी और मेरे सेक्स रिलेशन के बारे में बताया होगा। लेकिन नहीं दोस्तो।
मैंने सबा से बोला—
मै: मम्मी बहुत परेशान हैं, क्योंकि पापा ने दूसरी शादी कर ली है। जल्दी ही वो उसे यहाँ ले आएँगे। और मम्मी को शायद डिवोर्स दे देंगे।
सबा को लगा मैं उसे बेवकूफ बना रहा हूँ।
मै: नहीं सबा सच में। मैं अगली बार मम्मी से इस बारे में बात करूँगा तो रिकॉर्ड कर लूँगा तब सुन लेना।
पर वो मान गई।
सबा: मम्मी ने तुझे क्यों बताया। मैं तो बड़ी हूँ मुझे पहले बताना था। और बोली मम्मी और तेरी तो इतनी बात भी नहीं होती फिर इतनी बड़ी बात मम्मी ने तुझे क्यों बताई।
मै: उस दिन जब मैंने छुट्टी की थी तब मैंने मम्मी को रोते हुए देखा। फिर मैंने उनसे पूछा कि क्या बात है आप इतना क्यों रो रही हो, क्या पापा ने कुछ बोला या जॉब में कोई दिक्कत है। फिर बहुत बार पूछने के बाद मम्मी ने मुझे बताया।
तब वो भी टेंशन में आ गई।
मै: तू जो सोच रही कि मम्मी और मैं भी सेक्स करते हैं ऐसा नहीं।
सबा: सच में मुझे यही लगा था कि तू मम्मी के साथ भी ये सब करता है जो मेरे साथ करता है।
मै: क्यों तुझे ऐसा क्यों लगता है।
सबा: उस दिन लवबाइट देखके मुझे शक हो गया था।
मै: नहीं यार काश मैं भी मम्मी की चुदाई कर पाता।
फिर सबा बोली—
सबा: चुप रह।
मै: नहीं यार मम्मी की गाँड तुझसे हॉट है और बूब्स भी, और उनकी चूत तो जबरदस्त है।
सबा: हाँ यार, फिर बोली चूत कब देख ली तूने?
अब इस बात का क्या जवाब दूँ उसे।
मै: मैं तो रोज देखता हूँ जब रात में उन्हें अपने ख्यालों में चोदता हूँ, लेकिन हाँ चूत तेरी अच्छी है। मम्मी के बूब्स तुझसे बड़े हैं।
सबा: हाँ ये तो है।
मै: तेरा दिल किया कभी मम्मी के बूब्स चूसने का।
सबा: हाँ एक-दो बार।
मै: कब?
सबा: जब वो सुबह उठाने आती हैं तब कभी-कभी या जब वो टीवी देखती हैं काउच पे लेटके तो उनके बूब्स उनकी नाइटी से बाहर निकलने को होते हैं।
मै: तूने न्यूड देखा है मम्मी को?
सबा: एक बार नहाने में बस, और बोली जब उनके वैक्स करती हूँ तब देखे हैं बूब्स लेकिन ब्रा में।
मै: वाह यार तू तो बहुत आगे आई।
वो हँसने लगी।
मै: तो बस तू फिर मम्मी को पटा और फिर मेरे लिए उनकी चूत और गाँड तैयार कर।
सबा: हाँ अब यही काम तो रह गया है मेरे पास।
वो ये सब बात बोल तो रही थी पर उसके चेहरे पे एक टेंशन साफ नजर आ रही थी लेकिन मैंने कुछ ऐसा किया उसकी टेंशन दूर हो गई।
मैं वहाँ से उठा, उसे लगा मैं अब जा रहा हूँ। मैंने उसका रूम लॉक किया और एक ही सेकंड में अपनी टी-शर्ट और लोअर उतारके नंगा उसके ऊपर जाके लेट गया।
वो मुझे देखने लगी और बोली—
सबा: क्या तू हमेशा मूड में रहता है?
और हँसने लगी।
मै: नहीं यार बस तुझे देखके मूड में आ जाता हूँ।
सबा: अभी तो मम्मी की तारीफ कर रहा था झूठे।
मै: मम्मी तो इमेजिनेशन हैं तू तो रियल है।
और सीधे उसके लिप्स पर किस करने लगा। फिर हम लोग किस करने लगे। और हग करने लगे।
मै: आज मेरा लंड चूसके झाड़ दे बहन, बहुत तड़प रहा हूँ। चोट लगी है लंड पे रब नहीं कर सकता।
सबा: कैसे लगी?
मै: कल रात लंड बाहर निकालके सो गया तो शायद बेडशीट की डिजाइन से हो गया।
वो मेरा लंड देखने लगी। फिर बोली—
सबा: तू रुक मैं आती हूँ।
मैं रुका रहा। वो नीचे गई फ्रिज में से एक आइस क्यूब ट्रे लेकर आई और वो रूम में आकर बोली—
सबा: चल तेरे रूम में चलते हैं।
फिर मैंने कपड़े उठाए और चुपचाप से नीचे देखा और नंगा ही अपने रूम में आ गया और मेरे पीछे सबा भी आ गई लेकिन वो 5 मिनट बाद आई।
सबा रूम में एंटर हुई और आते ही उसने मेरी तरफ देखा और बोली—
सबा: लेट जा।
मैं लेट गया। मैंने पूछा—
मै: इतनी देर क्यों लगी?
सबा: मैं अपने भाई के लिए ब्रा और पैंटी उतारके आई हूँ।
बस फिर सबा ने भी पूरे कपड़े उतार दिए और आइस ट्रे लेकर मेरे पास आई और मेरे राइट साइड में लेफ्ट करवट लेकर लेट गई।
सबा जब करवट लेकर लेटी तो उसका लेफ्ट वाला बूब तो दब गया और राइट वाला बूब उसके ऊपर झूलने लगा।
मैंने उसकी चूत देखी। मैंने पूछा—
मै: तूने शेव की है क्या?
सबा: हाँ जब तू अनम को छोड़ने गया तब वैक्स की है।
मैं उसकी चूत देखने लगा। फिर उसने मेरा लंड को पकड़ा और वो उसे देखने लगी।
मेरा लंड नीचे की तरफ से छिला था यानी शाफ्ट की रूट के पास से, और थोड़ा था फ्रैनुलम के पास से यानी वो स्किन जो हेड और शाफ्ट को जोड़ती है।
सबा ने पहले हाथ लगाया तो मुझे जलन सी हुई। फिर उसने मुँह से थूक निकालके टपकाया और फिर थोड़ा सा सहलाने लगी।
मैं उसकी चूत पर हाथ लगाने की कोशिश कर रहा था। सबा ने फिर मेरी तरफ देखा और अपने होठों पर मुझे टीज करते हुए जबान फेरी और फिर सीधे मेरे लंड को अपने मुँह में ले गई और जबान को मेरे लंड पे फेरने लगी। मुझे बड़ा मजा आ रहा था। मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा।
मुझे बहुत घबराहट हो रही थी क्योंकि आज संडे था पापा और मम्मी दोनों घर में थे। लेकिन मैं बस मोमेंट को एन्जॉय कर रहा था। सबा फिर लंड को चूसने लगी। और मुझे उसमें मजा भी आ रहा था और दर्द भी हो रहा था।
मैं फिर सबा के राइट वाले बूब को दबाने लगा और सबा ने फिर मुँह से लंड बाहर निकाला और आइस क्यूब निकालके मेरे लंड पे लगाने लगी। मुझे बड़ा अजीब ठंडा सा दर्द हुआ।
लेकिन कुछ देर बाद बिल्कुल सुकून होने लगा। और मुझे मजा आने लगा। सबा अब आइस क्यूब और जबान से एक साथ लंड को गीला कर रही थी। मैं उसकी चूत तक हाथ पहुँचाने की कोशिश करने लगा।
लेकिन कई बार की नाकाम कोशिश के बाद सबा उठी और मेरी तरफ पैर करके लेट गई, यानी अब उसका सर मेरे लंड के पास था और उसकी थाईज मेरे मुँह के पास लेकिन मेरे साइड में करवट करके लेटी थी।
मैंने उसके पैर थोड़े से खोले और उसकी चूत देखी तो उसकी चूत पे मस्त मेरे प्यार से उसकी चूत का पानी लगा था।
मैंने अपनी एक उँगली मुँह में लेकर गीली की और उसकी चूत पे रखकर उसका पानी अपनी उँगली पे ले लिया और उसे मुँह में ले लिया और चाटने लगा।
ये देखके सबा बहुत एक्साइटेड हो गई और उसने मेरे लंड को थोड़ा सा दबाए हुए ऊपर लाई और प्रीक्यूम की एक बड़ी सी बूँद मेरे लंड से निकली और उसने उसे सीधे अपने गुलाबी गीले होठों से मुँह में ले लिया और बार-बार मुँह खोलके फिर जबान से पूरा चाट गई। मेरा लंड ये देखके बहुत मोटा और हार्ड हो गया।
मैंने फिर सबा की चूत की तरफ मुँह बढ़ाया और उसपे जबान से खेलने लगा। सबा भी अब एक्साइटेड होने लगी थी।
अब सबा ने मेरा लंड छोड़ दिया था। वो सीधे मेरे मुँह पे अपनी चूत खोलके बैठ गई और जोर-जोर से चूत को दबाने लगी, और आगे-पीछे मेरे मुँह पे हॉर्स राइडिंग करने लगी।
मैं बस उसकी चूत को कभी होठों से दबाता तो कभी जबान से उसकी चूत के नमकीन पानी को साफ कर देता। उसकी चूत से रह-रह के एक नमकीन सा सेक्स की खुशबू से भरा पानी रिस रहा था जिसे मैं अपनी जबान से चाटके पी रहा था।
फिर मैंने अपना मुँह हटाया और सबा की गाँड के छेद पे रख दिया। बस जैसे ही मैंने उसकी गाँड में मुँह रखा सबा बोली—
सबा: चाट भाई अच्छे से चूस भाई, मजा आ रहा है। चूस अपनी बहन की चूत और गाँड।
ये सुनके मेरा लंड तन गया और मैं उसकी गाँड सूंघने लगा। उसकी गाँड से अजीब स्मेल आ रही थी। गाँड के आसपास छोटे-छोटे दाने जैसे उभार थे जो बिल्कुल फूल चुके थे और गाँड के छेद के आसपास ऑयल जैसा कुछ था।
मैंने चाट-चाटके पूरी गाँड गीली कर दी। फिर सबा झुकी और मेरे ताने हुए खड़े लंड को चूसने लगी। हम दोनों के मुँह से आह-आह की दबी आवाजें आ रही थीं जो बस हम दोनों सुन पा रहे थे।
उधर सबा मेरा लंड जोर से चूस रही थी, मुझे दर्द तो बहुत हो रहा था पर मजा आ रहा था और इधर मैं सबा की चूत को थूक लगा-लगाके चाट रहा था।
फिर मैंने सबा को वापस करवट लिटाया और उसकी एक थाई ऊपर करके उसकी थाई से लिक करता हुआ उसकी चूत को चूसने लगा और फिर उँगलियों से उसकी चूत के होठों को अलग करके देखने लगा। सबा चूँकि बिल्कुल दूध जैसी गोरी थी इसलिए उसकी चूत के लिप्स भी काफी गोरे थे। उसकी फेस की स्किन जैसे तो नहीं थे पर काले भी नहीं थे।
मैंने जब उसके पसी लिप्स को सेपरेट किया तो उसकी चूत के अंदर का गुलाबी हिस्सा मेरे सामने आ गया। और मैंने देखा उसका हाइमन बिल्कुल साफ नजर आ रहा।
मैंने सोचा बस मेरा लंड ठीक हो जाए तो इसकी ओपनिंग करूँगा। मैंने फिर मुँह लगाया और चूत चूसने लगा। बस सबा और मैं बिल्कुल मगन और मदहोश हो चुके थे। तभी अचानक मम्मी ने दरवाजे से मुझे आवाज दी।
सबा घबरा गई।
मम्मी: साहिल क्या कर रहा है, सबा कहाँ है?
मै: मम्मी लेटा हूँ।
मम्मी: सबा भी है क्या, दरवाजा क्यों बंद कर रहा है दिन में????
मै: नहीं मम्मी सबा संध्या के घर गई है।
मम्मी: दरवाजा तो खोल।
बस सबा ने इतनी देर में फटाफट अपने कपड़े उठाए और मेरे बाथरूम में घुस गई।
मै: मम्मी मैं लेटा हूँ। चोट लग गई है मेरे, आराम करने दो।
मम्मी: बेटा दरवाजा तो खोल तू, पापा भी नहीं हैं, अब हम दोनों अकेले हैं।
मम्मी को क्या पता था कि सबा बाथरूम में है, वो तो चुदासी हो रही थीं बस।
मै: मम्मी मैं सो रहा हूँ आप भी काम कर लो।
मम्मी: बेटा दरवाजा तो खोल कहाँ चोट लगी है।
मै: प्राइवेट पार्ट पे।
मम्मी: क्या हो गया मेरे बेटे के लंड पे?
बस ये सुनते ही मैंने बाथरूम की तरफ देखा तो सबा अंदर से मुझे देख रही थी और उसने मुझे चुप रहने का इशारा किया। उसके चेहरे से डिस्गस्ट और शॉकिंग रिएक्शन साफ दिख रहा था।
मम्मी: दरवाजा खोल जल्दी बेटा।
फिर मैंने सोचा अब माँ चुदाए सबा, जो होगा देखा जाएगा। मैंने लोअर पहना और दरवाजा खोला। दरवाजा खोलते ही मम्मी अंदर आईं और बोलीं—
मम्मी: क्या हुआ मेरे बेटे के लंड पे।
मै: मम्मी कुछ नहीं मुझे सोना है आप जाओ।
मम्मी: दिखा तो बेटा।
और सीधे मुझे बिठाके मेरा लंड बाहर निकाल लिया।
अब मेरा लंड अधमरा हो चुका था। मम्मी ने अपने बेटे के लंड को हाथ में पकड़ा और बोलीं—
मम्मी: ये कब हुआ कल तो ठीक था।
बस अब मैं मम्मी की सब बातें सुनता जा रहा था और सोच रहा था सबा क्या सोच रही होगी क्या इमेजिन कर रही होगी क्या रिएक्ट कर रही होगी कि जो कुछ उसने शक किया था सब सही निकला।
मै: हाँ ये रात को हुआ।
मम्मी: रात में कब?
मैंने कहा रूम में आने के बाद।
मम्मी हँसते हुए बोलीं—
मम्मी: क्यों मेरी चूत में काँटे हैं जो ऐसा हो गया।
मैं सिचुएशन को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा था लेकिन अब मम्मी तो इतना कुछ बोल चुकी थीं। मैंने सोचा अब भड़ में जाए सब। मैंने सोचा सबा अब समझ गई होगी कि मैं मम्मी को भी चोदता हूँ।
फिर मम्मी ने सीधे मेरे लंड को मुँह में लिया और चूसने लगीं। और देखते ही देखते मेरा लंड खड़ा हो गया। मम्मी अब चूस रही थीं और जबान से चाट रही थीं। मैंने सोचा अभी तो इसपे से सबा का थूक सूखा भी नहीं था अब मम्मी का भी थूक लग गया।
फिर मम्मी उठीं और सीधे उन्होंने मैक्सी उतार दी और वो अंदर कुछ भी नहीं पहने थीं। मैंने देखा सबा ने बाथरूम का दरवाजा थोड़ा सा खोला और सब देखने लगी।
बाथरूम में अंधेरा था इसलिए अंदर का कुछ नहीं दिख रहा था। लेकिन सबा को बाहर का सब दिख रहा होगा, यानी मम्मी के दो बड़े-बड़े 38 के बूब्स भी बड़ी-बड़ी गाँड भी और मेरा लंबा सा खड़ा लंड भी।
मैं सोच रहा था सबा जरूर अंदर ये सब देखके चूत में उँगली कर रही होगी।
मम्मी ने मेरा लंड चूस-चूसके खड़ा किया और बोलीं—
मम्मी: बेटा अब जल्दी से मम्मी की चूत में डालके ठंडा कर दे।
मै: मम्मी दर्द हो रहा है।
मम्मी: सुबह तो पीछे आके चोदने वाला था अब क्या हुआ।
मै: मम्मी आप ऐसे ही झाड़ दो। अभी बाद में आपकी चूत में अंदर डाल-डालके खूब चोदूँगा।
मम्मी: जैसे उस दिन बाथरूम में चोदा था।
मै: नहीं उससे ज्यादा डीप तक डालूँगा और अब आपकी गाँड के छेद में भी डालूँगा।
मम्मी: नहीं मेरे बेटा वहाँ तेरा घोड़े जैसा लंड जाएगा माँ जाएगी मम्मी।
फिर हम दोनों हँसने लगे और ऑब्वियसली सबा भी अंदर हँस रही होगी।
मम्मी: पहले मेरी चूत को चाट।
और सीधे उसी तरह मेरे ऊपर बैठ गईं जैसे अभी थोड़ी देर पहले इनकी बेटी सबा बैठी हुई थी।
मम्मी की चूत को भी मैंने वैसे ही चूसा जैसे मैं अपनी बड़ी बहन सबा की चूत को चूस रहा था। मेरा लंड कभी खड़ा होता कभी सो जाता।
फिर मम्मी आगे झुकीं और मेरे लंड को बिल्कुल वैसे ही चूसने लगीं जैसे अभी सबा चूस रही थी।
मैंने मन में कहा जैसी माँ वैसी बेटी :d उनसे हरामी उनका बेटा :d।
बस मैं मम्मी की चूत चाट रहा था और जबान चूत के अंदर डाल रहा था और मम्मी मेरा लंड चूस ही रही थीं कि अचानक बाथरूम से कुछ गिरने की आवाज आई, शायद पानी के नल (टैप) पे रखा मग था।
मम्मी ये आवाज सुनके रुक गईं। मैंने मम्मी को देखा और मम्मी सीधे बाथरूम की तरफ बढ़ने के लिए उठीं।
आगे क्या हुआ ये आप लोग इमेजिन भी नहीं कर पाएँगे।
अगला अपडेट बहुत धमाकेदार होगा।