Sexy badi bahan ki chudai kahani:- कैसे हो लंड के राजाओं, और चूत की रानियों, मुझे आप लोगों के कमेंट पढ़के बहुत खुशी होती है। माफी चाहता हूँ बहुत टाइम बाद स्टोरी अपडेट कर रहा हूँ। 9th पार्ट के बाद ये पार्ट कई दिन बाद अपडेट कर पा रहा हूँ। आप लोगों के मैसेज मिलते रहे लेकिन बस स्टडी की वजह से टाइम निकालना मुश्किल हो गया था और दूसरे भी क्राइसिस की वजह से मुश्किल हो गया था।
मेरी स्टोरी पढ़कर मुझे कई लड़कियों के और कुछ मम्मी के भी मैसेज आए। मुझे ये अच्छा लगा कि कुछ मम्मी की चूत आज भी अपने बेटों के लिए गरम होती है। अपना ये प्यार मुझे कमेंट के जरिए भेजते रहिए।
मुझसे कई लोग पूछते हैं कि ये मेरी रियल कहानी है या फैंटेसी, लेकिन इसका जवाब देना मैं जरूरी नहीं समझता क्योंकि जो जरूरी है वो ये कि आपके लंड और चूत को मजा आए, जो आपके कमेंट्स से लगता है कि आप लोगों को आ रहा है, इसलिए ज्यादा दिमाग मत लगाइए बस अपनी-अपनी चूत का रस निकालिए और लंड को मजा दीजिए। अब मैं स्टोरी पर आता हूँ।
Part 9 ==>बड़ी बहन ने मुठ मारते पकड़ा 9
Sexy badi bahan ki chudai hindi sex kahani
अगर आप पहली बार ये कहानी पढ़ रहे हैं तो मैं आपको सजेस्ट करूँगा कि आप इसके पिछले पार्ट्स जरूर पढ़ें तब आपको ज्यादा अच्छे से समझ आएगी और ऑब्वियसली ज्यादा मजा भी आएगा।
तो अब आगे की स्टोरी…
उस रात खाना खाने के बाद मैं अपने रूम में आ गया था। कुछ देर बाद सबा मेरे रूम में आई और बोली—
सबा: क्या चल रहा है ये सब?
मै: क्या?
सबा: नाटक करने की कोशिश मत कर। सच बता क्या चल रहा है।
मै: तू क्या बोल रही है? कुछ समझ नहीं आ रहा।
सबा: मम्मी के गले पर लव बाइट कैसे आई?
मैंने उससे मजाक करते हुए कहा—
मै: पापा से जाके पूछ?
सबा: मम्मी तुझे देख रही थीं और तू उन्हें। फिर वो बोलीं— क्या तू मम्मी के साथ भी ????
मै: साथ भी क्या???
सबा: मम्मी के साथ भी करता है सेक्स?
मै: पागल है क्या। तुझे लगता है मम्मी मुझे हाथ लगाने देंगी।
मैंने कहा—
मै: काश मैं कर पाता। वो आज भी तुझसे ज्यादा सेक्सी दिखती हैं खासकर उनके बड़े-बड़े बूब्स।
सबा: साहिल तू पागल है। वो मम्मी हैं अपनी।
मै: तो क्या हुआ तू भी तो बहन है। और मैंने कौनसा कुछ किया है बस तूने बोला तो मैं बता रहा हूँ कि वो सेक्सी हैं।
सबा थोड़ी देर चुप हुई फिर बोली—
सबा: हाँ सो तो है!! उनके बड़े हैं बूब्स और गाँड भी। फिर अचानक बोली— तूने ही किस की ना मम्मी ने।
मैं समझ गया ये चालाक मुझसे उगलवाना चाह रही है। मैंने हँसते हुए कहा—
मै: हाँ और क्या। कल दिन भर मम्मी और मैंने सेक्स किया उनके बेड पर, और बाथरूम में खूब जमके चोदा उन्हें और लव बाइट दे दी।
और हँसने लगा। सबा हँसने लगी, उसे क्या पता था मैं सच बोल रहा हूँ। ये तो बस आप लोग जानते हैं और मम्मी।
कुछ देर बाद सबा जब जाने लगी तो मैंने सबा से पूछा—
मै: क्या तू अनम के साथ भी करती है?
वो जाते-जाते रुक गई और मुझे एक आँख मारते हुए एक सेक्सी स्माइल देके जाने लगी।
मैंने उसे अपने पास बुलाया और उसे अपने लंड की तरफ इशारा करते हुए बोला—
मै: मुझे भी करना है अनम के साथ!!!
सबा: नहीं पागल, अनम सच में सोने आई थी बस। उसे कुछ नहीं पता ना अपने बारे में ना संध्या के बारे में।
मै: संध्या को बुला ना यार उसे चोदना है।
सबा: संध्या तो शादी में गई है।
मै: तो फिर आज तेरे रूम में आऊँगा मैं। आज मजे करेंगे।
सबा: मेरे पीरियड्स चल रहे हैं।
और मुझे एक लिप्स पर जोर से किस देके चली गई।
जाते-जाते मैंने उसकी मोटी सी गाँड पर हाथ मारा और उसे बोला—
मै: आज रात मेरे रूम में आना और मुझे ब्लोजॉब देना।
और वो हँसते हुए बाहर चली गई।
मैं थोड़ी देर यही सब सोचता रहा लेकिन मुझे न जाने क्यों सबा से ज्यादा मम्मी को चोदने का दिल कर रहा था जबकि मैं उन्हें चोद चुका था। फिर मैंने सोचा मम्मी के पास जाके उनके बूब्स चूसके आता हूँ।
करीब 2 घंटे बाद रात में मैं मम्मी के रूम में गया। मम्मी और पापा बेड पर अलग-अलग मुँह करके लेटे हुए थे। मम्मी बेड के कोने वाले साइड पर थीं और पापा दीवार की तरफ मुँह करके लेटे थे।
मैं वहाँ से वापस जाने लगा। सीढ़ियों पर पहुँचा ही था कि मुझे एक मस्त चोदू आइडिया आया। मैं वापस मम्मी-पापा के रूम के पास आया, दरवाजा थोड़ा सा खोलके चेक किया फिर अपने चप्पल बाहर उतारे और रूम में दबे पाँव एंटर हो गया।
मैंने फिर मम्मी की गाँड को देखा जो मेरी तरफ थी और उनकी गाँड उनकी नाइटी में मस्त चमक रही थी। मैंने उनकी गाँड पर सीधे हाथ रख दिया।
अब आप सोच रहे होंगे कि मैंने मम्मी को चेक क्यों नहीं किया कि सो रही हैं या नहीं??
भाइयों बहनों यही तो चोदू आइडिया था। मम्मी की मस्त गाँड पर हाथ रखा और उसे सॉफ्टली दबाने लगा लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।
फिर मैं मम्मी की नेक के पास आया और सूंघने लगा। पसीने और परफ्यूम की मस्त खुशबू सीधे मेरे लंड पे असर कर रही थी।
मैंने फौरन लोअर घुटनों तक किया और लंड महाराज को आजाद कर दिया। फिर मैं मम्मी के करीब आया और उनका हाथ उठाके उनकी गाँड पर रख दिया। और लंड को उनके हाथ पर रब करने लगा, फिर उनके हाथ के बीच में लंड को डाल दिया।
कुछ देर बाद मेरा लंड गरम हो गया और फूलने लगा और चिपचिपा प्रीक्यूम मम्मी की पूरी हथेली पर मसलने लगा। मैंने सोचा कि अगर ये ट्रिक अनम पर भी काम कर गई तो मजा आएगा।
तभी मुझे मेरे लंड पर एक मजबूत पकड़ महसूस हुई। मैंने मम्मी के चेहरे की तरफ देखा तो वो मुझे देख रही थीं और उनकी आँखों में नींद और चुदाई का नशा एक साथ दिख रहा था।
फिर थोड़ी देर बाद मम्मी सीधी लेट गईं। मैंने अपना हाथ उनके बूब्स पर रखा और दबाने लगा और वो अपने प्यारे बेटे का लंड जोर-जोर से हिलाने लगीं।
लेकिन तभी मुझे अहसास हुआ कि पापा करवट ले रहे हैं। मैं फौरन बेड के साइड में बैठ गया जो कि मैंने बिल्कुल सही काम किया। करवट लेते ही पापा उठके मम्मी से बोले—
पापा: तुम सोई नहीं।
मम्मी: नींद नहीं आ रही।
तभी पापा उठे और बेड के पास आए। शायद वो मूतने जा रहे थे।
तभी मेरी नजर पापा के चप्पल पर पड़ी। मैं समझ गया ये यहाँ जरूर आएंगे। मैंने फौरन पापा की चप्पल दूसरी तरफ सरका दी और बेड के नीचे घुस गया।
पापा बेड से उतरे और चप्पल पहनके सीधे बाहर चले गए। मैं कंफ्यूज हो गया कि रात के लगभग 2 बजे रूम के बाहर क्यों। मेरी अब फटने लगी कि अब शायद मेरे रूम में जाएंगे।
जब वो चले गए तो मैंने मम्मी से पूछा—
मै: पापा कहाँ गए?
मम्मी: सिगरेट पीने।
मैंने सोचा यही सही वक्त है वापस रूम में जाने का।
तभी मम्मी ने मुझे पकड़ा और बेड पे धक्का देके सीधे मेरे लंड को पकड़ लिया और जोर-जोर से हिलाने लगीं, ताकि फिर से खड़ा हो जाए।
मै: मम्मी पापा आएंगे।
मम्मी: नहीं। कम से कम 15 मिनट लेंगे।
मै: फिर भी रिस्क है।
लेकिन वो तो चुदासी हो चुकी थीं।
मम्मी: अब तूने शुरू किया है खत्म मैं करूँगी।
मम्मी ने फौरन मेरा लंड हाथ में लिया और हिलाना शुरू कर दिया।
मैं भी फिर मम्मी के झूलते हुए बड़े-बड़े दूध देखने लगा और उन्हें खींचके किस करने लगा और मम्मी की जबान चूसने लगा।
2 से 3 मिनट बाद मम्मी का एक दूध बाहर निकाला और उसे चूसने लगा और मम्मी मेरा लंड जोर से हिलाते-हिलाते अचानक मेरा लंड चूत में डालके बैठ गईं। मुझे पता भी नहीं चला कि ये सब कैसे हुआ।
मैंने भी बिना कुछ सोचे नीचे से झटके देना शुरू कर दिए और मम्मी सीधे मेरी आँखों में देख रही थीं। मैं भी सीधे उनकी आँखों में देखके उन्हें चोद रहा था।
वो मुझे घूर रही थीं और मैं उनकी आँखों में देखते हुए जोर से लंड को मम्मी की चूत की गहराइयों तक पहुँचा रहा था।
तभी मम्मी अचानक बोलीं—
मम्मी: बेटा मुझे रोज चोदा कर ऐसे ही।
ये सुनके मैंने झटके तेज किए और सर को हाँ में हिला दिया। मम्मी समझ गईं मैं झड़ने वाला हूँ। तभी अचानक मम्मी उठीं और मुझे हैंडजॉब देने लगीं।
बस कुछ ही लम्हे बाद इस चोदू बेटे ने अपनी चुदासी माँ के हाथों में पूरा माल निकाल दिया जिससे उनकी नाइटी भी खराब हो गई।
इसके बाद मुझे तो नींद सी आने लगी और कोई होश नहीं रहा। लेकिन मम्मी पूरे होश-ओ-हवास में थीं।
तभी मम्मी ने मुझे उठाया और बोलीं—
मम्मी: अब जा जल्दी।
मैं फौरन लोअर पहनके भागा और सीधे कमरे में आ गया। और बेड पे आते ही लेट गया।
कमरे की लाइट बंद थी। मैंने लंड बाहर निकाला और हाथ लगाया। हाथ लगते ही मुँह से आआह्ह निकली और लंड में तेज जलन मची।
मैंने मोबाइल की लाइट ऑन करके देखा तो लंड राइट साइड थोड़ा छिल गया था। मुझे फिर याद आया कि शायद मम्मी के हाथ की अँगूठी से हुआ होगा और चुदाई के वक्त इतना एक्साइटमेंट था कि पता नहीं चला।
मैंने लोअर वापस पहना और थोड़ी देर बाद सो गया।
सुबह आँख खुली तो कमरे की लाइट खुली हुई थी और मेरा लंबा लंड बाहर निकला हुआ था। धुँधली नजर से सबा, मम्मी और निशा एक साथ दिखीं। तीनों आपस में लड़ रही थीं कि पहले कौन चुदवाएगा और तीनों जोर-जोर से साहिल साहिल चिल्ला रही थीं।
तभी मेरे गाल पे एक जोर का चाँटा पड़ा और फिर सुंदर सा ख्वाब टूट गया और सामने सबा दिखी। तो समझ गया कि वाकई ख्वाब ही था।
लेकिन सबा से पहले उसके दो बड़े 34 साइज के दूध पर नजर पड़ी और लंड खड़ा होना शुरू हो गया। लेकिन मेरा लंड जख्मी हो चुका था बहनचोद। खड़ा होने में भी दुख रहा था।
फिर सबा रूम से चली गई। मैं थोड़ी देर बाद रूम से निकला और सीढ़ियों की तरफ जाने लगा। तभी मैंने देखा मेरे आगे अनम है। उसने एक लूज टी-शर्ट पहनी हुई थी और नीचे जींस। एक-दो कदम चलते ही अनम गिर पड़ी। मैं उसे उठाने भागा और जब मैंने उसे उठाया तो मैंने नोट किया उसने ब्रा नहीं पहना है।
मुझे ताज्जुब हुआ क्योंकि अनम बाहर जा रही थी। अनम ने मुझे उसके निप्पल देखते हुए नोटिस कर लिया।
फिर मैंने उसे उठाया और नीचे डाइनिंग टेबल तक ले आया। मम्मी और सबा ने पूछा—
मम्मी/सबा: लगी तो नहीं?
लेकिन मैंने देखा कि जो मैंने नोटिस किया वही सबा और मम्मी ने भी देख लिया।
कुछ देर बाद मैंने अनम से बोला—
मै: कपड़े गंदे हो गए होंगे। जाके चेंज कर लो।
मम्मी और सबा समझ गए और शायद अनम भी, लेकिन वो नहीं उठी और बोली—
अनम: उसकी फ्रेंड का बर्थडे है। वो उसके यहाँ जा रही है।
शायद अगर मैं न बैठा होता तो मम्मी या सबा उससे साफ बोल देते लेकिन मेरी वजह से नहीं बोला। लेकिन इसी एक इंसिडेंट की वजह से अनम की चूत का दरवाजा भी अपने भाई के लिए हमेशा के लिए खुल गया।
ये जानने के लिए पढ़ते रहिए।
नेक्स्ट पार्ट कोशिश करूंगा थोड़ा बड़ा लिखने का।
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