माँ का सेक्रेट लवर बेटा 1

Mom Son ki kamuk chudai story:- Dosto, ye ek bahut hi bold hindi sex story hai — 22 saal ke Rahul aur uski 45 saal ki khubsurat mummy Sangita ki kahani. Jo log sex story hindi me padhna pasand karte hain, unke liye ye kamuk kahani ek zabardast adult hindi story hai. Ye maa beta sex story aur family sex story hindi kahani ke deewanon ke liye likhi gayi hai, poori desi sex story end tak padhein.

इस कहानी के 3 मुख्य पात्र हैं। तीनों मेरे फैमिली मेंबर्स हैं। बाकी कैरेक्टर्स भी स्टोरी में होंगे लेकिन जब उनकी ज़रूरत होगी।

हमारी फैमिली एक हाई क्लास फैमिली है। हम लोग मुंबई के रहवासी हैं 30 सालों से। यहीं पर मेरे मम्मी-पापा की शादी हुई और यहीं पर मैं पैदा हुआ।

Mom Son ki kamuk chudai hindi sex story

मेरे पापा, रमेश प्रधान, मेरे पापा 51 साल के हैं। पापा मुंबई में एक ऑटोमोबाइल कंपनी के ओनर हैं। पापा ने बहुत कम सालों में काफी तरक्की की है। इसके चलते अक्सर पापा को बिज़नेस ट्रिप पे विदेश में जाते रहना पड़ता है। पापा क्वालिफिकेशन के तौर पे ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग से डिग्री कर चुके हैं। पापा एक गाँव से बिलॉन्ग करते हैं लेकिन काफी सालों से मुंबई में हैं।

पापा नेचर से एक बहुत अच्छे इंसान हैं। पापा बहुत हार्ड वर्किंग, लॉयल, केयरिंग और लविंग पर्सन हैं। उनका, मम्मी और मेरा आपसी रिलेशनशिप बहुत नॉर्मल है। हमारी फैमिली लोकैलिटी में बहुत अच्छी तरह स्थित है। पापा अपनी स्कोडा कार में हमेशा ऑफिस जाते थे। फाइनेंशियली हम लोग हाई क्लास हैं। इसीलिए हमारे रहने का स्टैंडर्ड बहुत हाई क्लास है। पापा की हाइट लगभग 5’8″ है और पापा का वेट लगभग 73 kg है।

मेरी मम्मी संगीता प्रधान (हीरोइन), 45 की हैं और एक हाउस वाइफ हैं। ओरिजिनली मम्मी पुणे से हैं लेकिन शादी के बाद से मम्मी मुंबई में हैं। मम्मी होटल मैनेजमेंट पूरा कर चुकी हैं क्वालिफिकेशन के तौर पर। मम्मी को किसी भी कंपनी में आसानी से जॉब लग सकती थी। लेकिन मम्मी ने कभी जॉब करने का सोचा नहीं।

मम्मी शादी के बाद से ही सिर्फ घर संभालने में लगी रहीं। पापा भी कभी नहीं चाहते थे कि मम्मी जॉब करें क्योंकि पापा नहीं चाहते थे कि मम्मी पे कोई घिनौनी नज़रें हों।

मम्मी के लुक्स आज भी जानलेवा हैं जबकि मम्मी 45 की हैं। हालाँकि मम्मी का वक्त बीत गया है लेकिन आज भी मम्मी का फिगर जानलेवा है। मम्मी का चेहरा बहुत अट्रैक्टिव है। आज भी मम्मी बॉम्बशेल हैं उनके उम्र के मर्दों के साथ-साथ यंग लड़कों के लिए।

मम्मी गोरे रंग की हैं, मम्मी की आंखें भूरी हैं। मम्मी के होंठ बिल्कुल गुलाब की पंखुड़ियों जैसे हैं। मम्मी के बूब्स बहुत बड़े-बड़े और गोल हैं, मम्मी के ब्रा की साइज़ 39 D है। मम्मी के बड़े-बड़े बूब्स पे लाइट ब्राउन निप्पल्स बहुत लाजवाब लगते हैं। जिससे देखने में मम्मी के बूब्स जन्नत की सैर कराते हैं।

मम्मी की बढ़ती उम्र के साथ भी मम्मी की कमर लाजवाब है 28 की साइज़ की। मम्मी की पतली कमर के कर्व्स बहुत सेक्सी लगते हैं। मम्मी के पास सुपर सेक्सी गांड है 39 के साइज़ की। जब भी मम्मी चलती हैं मम्मी की गांड बहुत मस्त हरकत करती है। मम्मी की गांड की सेक्सी हरकतें मर्दों का ध्यान खींचती हैं।

मम्मी की गांड को देखकर मर्दों के मन में बुरे ख्याल आने लगते हैं। ऊपर से मम्मी के लंबे बाल उनके गांड तक आते हैं। मम्मी 5’5″ tall हैं और 57 kg वेट है। मम्मी एक बला की खूबसूरत औरत हैं, मम्मी को देखके तो बूढ़ों के लंड में भी आग लग जाती है।

मम्मी नेचर से एक घरेलू औरत हैं। मेरे लिए मम्मी एक लविंग, केयरिंग और डेडिकेटेड हाउस वाइफ हैं। मम्मी का ड्रेसिंग सेंस तो लाजवाब है। मम्मी हाई सोसाइटी के हिसाब से मॉडर्न इंडियन ट्रेडिशनल ड्रेस ही ज़्यादातर पहनती हैं जैसे कि साड़ी, सलवार सूट।

मम्मी-पापा की लव मैरिज हुई थी, तब से आज तक मम्मी-पापा का सेक्स रिलेशनशिप बेहद अच्छा है। पापा मम्मी के साथ काफी समय बिताते हैं। पापा अक्सर मम्मी को घुमाने ले जाते हैं, मम्मी को पार्टियों में ले जाते हैं। जिससे पापा का आधा टाइम ऑफिस में और बाकी मम्मी के साथ ही बीतता है।

पापा के बहुत से दोस्त मम्मी के दीवाने हैं और मम्मी को पटाने की कोशिश में रहते हैं। जब भी मम्मी हमारे मोहल्ले से गुजरती हैं तो बूढ़ों से लेके जवान लड़के मम्मी को घूरते हैं। कई लड़कों ने तो मम्मी को ट्राई किया है लेकिन मम्मी आज तक किसी के हाथ नहीं आईं।

तीसरा और सेंट्रल कैरेक्टर ऑफ स्टोरी मैं, राहुल प्रधान (हीरो), यंग एंड हैंडसम बॉय। मैं 22 साल का हूँ। मेरी हाइट 6 फीट है। मेरी बॉडी वेल मेंटेन्ड है। मेरे मस्त 6 पैक निकले हुए हैं जिसकी लड़कियां दीवानी हैं। मेरे डोले और चेस्ट भी मस्त हैं।

मैं अपने पेरेंट्स का इकलौता लड़का हूँ जिससे मेरी परवरिश बहुत अच्छे से हुई है। मेरी मेरे मम्मी-पापा के साथ बहुत बनती है। IT इंजीनियरिंग का स्टूडेंट हूँ। वैसे लड़कियां मेरी तरफ बहुत अट्रैक्ट होती हैं। जिससे मेरी एक प्लेबॉय की इमेज है। कई लड़कियां मेरे नीचे आ चुकी हैं। उनमें से कुछ लड़कियां तो मेरी सीनियर भी थीं।

मैंने अपनी किसी भी gf को बिना चुदाई के नहीं छोड़ा है। मैंने अपनी किसी भी gf का एक भी छेद नहीं बख्शा है, सारे अपने वीर्य से भर दिए।

आप लोग देखेंगे इस स्टोरी में, कैसे मेरे यानी राहुल के desires अपनी मम्मी संगीता के लिए बढ़ते हैं। और वो क्या-क्या करता है अपनी मम्मी को पटाने में। कैसे अपने plans execute करता है। और आखिर कैसे मेरी यानी राहुल की मम्मी संगीता उससे चुद जाती है। और फिर कैसे-कैसे अपनी मम्मी को अपने फैंटेसी के हिसाब से चोदता है।

“आह… आह… प्लीज़ थोड़ा धीरे करो” वो चीखते-चिल्लाते हुए बोल रही थी। लेकिन राहुल पूरे जोश में उसे चोदने में लगा हुआ था। राहुल किसी घोड़े की रफ्तार से उसकी चुदाई किए जा रहा था। तभी राहुल के कानों में एक आवाज़ गूंजी, “राहुल… राहुल… उठो बेटा… कॉलेज नहीं जाना क्या, देखो सूरज सर चढ़ रहा है… जल्दी उठो बेटा।”

राहुल ने हड़बड़ाते हुए अपनी आंखें खोलीं। राहुल ने देखा उसकी मम्मी उसके सामने खड़ी हैं। राहुल अपनी आंखें पोंछते हुए उठा।

राहुल : GM मम्मी।

संगीता : GM बेटा जल्दी से फ्रेश होकर नीचे आओ। मैं तुम्हारे लिए चाय-नाश्ता लगाती हूँ।

राहुल : जी मम्मी।

संगीता राहुल के रूम से बाहर चली गईं। राहुल अपने बेड से उठकर बैठा और सोचने लगा।

राहुल (मन में) साला पता नहीं ये कौनसी खूबसूरत बला है जो रोज़ मेरे सपने में चुदने आती है। मुझे साली की चूत की लत लग गई है। जिस दिन ये मेरी ड्रीम गर्ल मेरे हाथ लग जाएगी साली की पुद्दी में लंड डाल दूंगा।

राहुल जल्दी से फ्रेश होकर तैयार हो गया। राहुल ने jr. इंजीनियरिंग पास कर IT इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लिया था। और उसके कॉलेज का पहला दिन था। वो नीचे गया तो नीचे उसके पापा रमेश नाश्ता कर रहे थे। और उसकी मम्मी संगीता खाना परोस रही थीं।

जब रमेश और संगीता की नज़र राहुल पर पड़ी तो दोनों के मुँह खुले रह गए। क्योंकि राहुल का आज ड्रेसिंग सेंस बिल्कुल मैचो था। राहुल डाइनिंग टेबल पर बैठते हुए बोला।

राहुल : GM पापा।

रमेश : GM बेटा। वैसे कॉलेज में पढ़ाई ही करना आवारागिरी नहीं।

राहुल : जी पापा।

संगीता ने राहुल के लिए नाश्ता लगाया। और राहुल नाश्ता करने लगा। रमेश का नाश्ता हो चुका था। रमेश राहुल और संगीता को by बोलकर ऑफिस के लिए निकल गया।

संगीता : hurry up बेटा! वरना तुम्हारी बस छूट जाएगी।

राहुल : Ohh shit! मैं already लेट हो गया हूँ।

राहुल को कॉलेज बस से जाना था। और वो पहले ही दिन लेट हो गया था। इसलिए वो उठा और दौड़ते हुए बस पकड़ने जाने लगा। तभी अचानक रोड पर वो अपनी मम्मी की ही उम्र की एक औरत से टकरा गया। राहुल और वो औरत दोनों रोड पर गिर गए। वो औरत चिढ़ते हुए बोली।

औरत : तुम अंधे हो क्या! तुमने मेरे सारे कपड़े गंदे कर दिए।

राहुल (मन में) ohh wow ये तो बहुत ही खूबसूरत माल है।

तभी राहुल की बस आ गई और वो चिल्लाते हुए दौड़ा।

राहुल : मेरी बस आ गई।

औरत : अरे कम से कम माफी तो मांगो।

राहुल : Sorry मैडम मैं थोड़ा जल्दी में हूँ।

राहुल ने दौड़कर अपनी बस पकड़ ली। उसके दोस्त निखिल ने उसके लिए बस में सीट पकड़े हुआ था। राहुल जाके निखिल के पास बैठ गया। तभी उसकी नज़र एक लड़की पे गई जो सामने वाली सीट पर एक लड़की के साथ थी। राहुल उस लड़की को देखते हुए रात के सपने के बारे में सोच रहा था।

राहुल (मन में) उफ़ साली क्या लड़की है। साली कल मेरे सपने में जो मेरे लंड पे खूब उछल रही थी। कहीं ये वही तो नहीं।

तभी निखिल की नज़र मुझपे गई।

निखिल : क्या हुआ राहुल?

राहुल : यार क्या लड़की है।

निखिल : हाँ भाई लेकिन इस बार किसी लड़की की पुद्दी मत जमा।

राहुल : लड़की की पुद्दी मत जमा मतलब?

निखिल : किसी आंटी को पटा। क्योंकि mature औरतों का बदन मस्त गठीला होता है। जिसे मसलने का एक अलग ही मज़ा है।

राहुल : क्या बात कर रहा है। लड़की को चोदने में जितना मज़ा आता है। उतना क्या किसी आंटी को चोदने में आएगा?

निखिल : हाँ बल्कि उससे भी ज़्यादा मज़ा आएगा। लगता है तूने कभी औरतों को ध्यान से देखा नहीं। एक बार ध्यान से औरत को निहार तुझे खुद समझ में आएगा।

इस बीच बस कॉलेज पहुंच गई। जैसे ही राहुल बस से उतरता है, चारों तरफ उसे एक से बढ़कर एक खूबसूरत लड़कियां दिखती हैं। पिछले कॉलेज की वही पुरानी लड़कियां देखकर राहुल बोर हो गया था। और उसके चारों तरफ उसे हरियाली नज़र आ रही थी।

राहुल (मन में) ये कॉलेज नहीं बल्कि फूलों का बगीचा लग रहा है। जितने चाहिए उतने फूल मैं तोड़ सकता हूँ यहाँ से। वैसे भी मैं पैदाइशी ऐसे बगीचों का माली रहा हूँ। ये मुझसे कहाँ बचने वाले हैं।

राहुल और निखिल अपने क्लास की तरफ चले गए। उनकी नज़र सारे रास्ते लड़कियों पर ही थी। तभी राहुल जानबूझकर एक लड़की से अपना क्लास पूछता है। जैसे ही वो लड़की बताके जाती है, राहुल और निखिल दोनों हंसते हुए अपने क्लास में चले जाते हैं। दोनों अपनी सीट पर बैठ जाते हैं।

राहुल : क्या मस्त-मस्त लड़कियां हैं भाई।

निखिल : कॉलेज हो या कॉलेज पहले दिन सभी एक ही काम करते हैं। लड़के देखते सबसे सुंदर हसीना कौन है। और लड़कियां देखती हैं सबसे हैंडसम बंदा कौन है।

राहुल : मतलब मेरा चांस पक्का है। काश वो बस वाली लड़की हमारे ही क्लास में हो।

तभी राहुल की नज़र एक लड़की पे जाती है। वो कोई और नहीं वही बस वाली लड़की होती है। राहुल गौर से उसकी खूबसूरती देखने लगता है। उसकी खूबसूरत आंखें, उसके होंठ, उसके बूब्स जो मीडियम साइज़ के थे सब ध्यान से देखता है।

तभी उस लड़की की भी नज़र राहुल पर जाती है। और फिर वो भी राहुल को भाव देते हुए तिरछी नज़रों से देखने लगती है।

तभी सर क्लास में आते हैं और क्लास स्टार्ट हो जाती है। सारा क्लास राहुल उसी लड़की से अखियां मिलाता रहता है। सर सबसे एक क्वेश्चन पूछते हैं जिसका आंसर कोई नहीं दे पाता। लेकिन उसका आंसर राहुल देता है। जिससे वो लड़की राहुल को देखकर मुस्कुराती है। राहुल समझ जाता है वो लड़की उससे इम्प्रेस हो गई है।

तभी क्लास खत्म हुई और एक लेडी टीचर क्लास में आईं। राहुल टीचर को देखके शॉक हो गया। राहुल अपना चेहरा छुपाते हुए।

राहुल : ooh shit।

निखिल : क्या हुआ?

राहुल : ये वही औरत है जिससे मैं सुबह टकराया था।

टीचर: sorry स्टूडेंट्स मैं आज अपने पहले ही दिन लेट हो गई। लेकिन मुझे वापस अपने घर कपड़े बदलने जाना पड़ा एक बदतमीज़ लड़के की वजह से।

निखिल टीचर को घूर रहा था। और राहुल अपना चेहरा छुपाए हुए बैठा था।

निखिल : wow क्या हॉट माल है, मैं साली के बड़े-बड़े बूब्स को सारा दिन देखता रह सकता हूँ।

राहुल : बस इसको मेरा चेहरा याद ना हो।

राहुल ने पूरा क्लास अपना चेहरा छुपाते हुए निकाला। और निखिल ने पूरा क्लास टीचर को घूरते हुए निकाला। राहुल और निखिल दोनों कैंटीन में बैठे थे।

निखिल : यार हमारी टीचर मस्त पटाखा है, साली हाथ लग जाए तो खूब चोदूंगा साली को।

राहुल : मैंने तो उसे ठीक से देखा ही नहीं, मैं अपना चेहरा छुपाए हुआ था।

निखिल : छोड़ यार सुबह वाली बात, हमारी कॉलेज की टीचर्स को देख कितनी हरी-भरी हैं।

राहुल ने अपनी नज़र ऊपर उठाके देखा तो उनके कॉलेज की टीचर का एक ग्रुप सामने खड़ा था। जिसमें हमारी नई टीचर भी खड़ी थीं जिसकी पीठ हमारे तरफ थी। निखिल हमारी नई टीचर की गांड को घूर रहा था।

निखिल : वाह क्या गांड है साली की।

मैं : साले वो तेरी माँ की उम्र की है।

निखिल : अबे साले लेकिन औरत तो है ना फिर चाहे वो माँ ही क्यों ना हो।

मैं : साले तू क्या बोल रहा है जानता है?

निखिल : मुझे बता अगर माँ की पुद्दी में बेटे का लंड गया तो क्या माँ प्रेग्नेंट नहीं हो सकती क्या। जब भगवान ने कोई फर्क नहीं किया है औरत और मर्द में तो हम इंसान कौन हैं?

राहुल निखिल की बातें सुनकर confused था। राहुल समझ में नहीं पा रहा था कि क्या सही है और क्या गलत है।

राहुल : निखिल मुझे घर निकलना चाहिए, बहुत देर हो गई।

निखिल : ठीक है मैं थोड़ी हमारी टीचर के साथ जान-पहचान बढ़ाके आता हूँ।

राहुल निखिल के पास से निकला और अपने कॉलेज की बस से घर के लिए निकल गया। राहुल बस में बैठकर घर जा रहा था। उसके दिमाग में निखिल की ही ऊटपटांग बातें चल रही थीं।

तभी उसकी नज़रें उनके ही कॉलेज की एक टीचर जो बस में खड़ी थीं, उसकी गांड पे गईं। उसकी गांड मस्त चौड़ी और बाहर निकली हुई थी। साड़ी में मस्त लग रही थीं।

राहुल (मन में) wow निखिल सही कहता है, औरतों की गांड लड़कियों से काफी मस्त होती है।

राहुल उस टीचर की ही गांड को देख रहा था कि उसका स्टॉप आया। राहुल बस से उतरा और अपनी ही सोच में डूबा घर की तरफ जाने लगा। जब वो घर पहुंचा तो उसने देखा उसके घर का दरवाज़ा खुला है। वो सीधा घर में घुस गया।

राहुल को उसकी मम्मी संगीता कहीं नहीं दिखाई दे रही थीं। तभी वो किचन की तरफ बढ़ा। जब वो किचन के डोर पे पहुंचा तो उसने देखा उसकी मम्मी संगीता किचन में अपना काम कर रही हैं। उसकी नज़र संगीता की गांड पर गई जो साड़ी में कज़ब लग रही थी। संगीता की गांड मस्त गोल-मटोल और बाहर निकली हुई थी। राहुल के पैर वहीं जम गए और उसकी नज़रें संगीता की गांड से हट नहीं रही थीं।

तभी संगीता रैक की तरफ बढ़ीं। संगीता की गांड चलते वक्त मस्त हरकत कर रही थी। संगीता रैक के ऊपर से कुछ निकालने के लिए कूदने लगीं। तभी राहुल ने ध्यान से देखा तो वो आटे का डिब्बा था। राहुल ने देखा संगीता के हाथ से आटे का डिब्बा गिरा जिससे सारा आटा संगीता के ऊपर गिर गया था।

संगीता साड़ी पर से आटा साफ करने लगीं। ये सब संगीता हल्की सी झुककर कर रही थीं। जिससे संगीता की गांड मस्त बाहर निकली हुई थी। संगीता की साड़ी संगीता की गांड से पूरी चिपक गई थी। जिससे संगीता की गांड के कटाव साफ दिख रहे थे।

संगीता की लाजवाब गांड देखकर राहुल का मन डोल गया था। राहुल ने आज तक अपनी मम्मी को इतनी गंदी नज़र से नहीं देखा था। उसके लंड में हलचल होने लगी थी। तभी संगीता अपना पल्लू अपने जिस्म से हटाते हुए राहुल की तरफ मुड़ीं। और अपने ब्लाउज और साड़ी से आटा साफ करने लगीं।

राहुल पहली बार अपनी मम्मी को ऐसे देख रहा था। संगीता के बूब्स ब्लाउज में कैद थे जो काफी बड़े-बड़े थे। संगीता का पेट बहुत गोरा और सेक्सी था जो मस्त चमक रहा था। और संगीता की नाभि मस्त गहरी और बेहद सेक्सी थी। संगीता को इस हाल में देखकर राहुल का लंड खड़ा हो गया था।

राहुल इमेजिन करने लगा। उसने पीछे से जाकर संगीता को अपनी बाहों में भर लिया। जिससे उसका लंड सीधा संगीता की गांड की दरार में साड़ी के ऊपर से घुस गया। संगीता की एक मधुर सी सिसकारी निकल गई। और उसने संगीता को उठाते हुए घुमाया। जिससे उसके लंड ने संगीता की गांड अधिक फील किया। संगीता मुस्कुराते-मुस्कुराते हुए बोलीं।

संगीता : आह! क्या कर रहे हो राहुल, तुम्हारे पापा आ जाएंगे।

राहुल : आने दो मम्मी, तुम्हारे मज़े पापा के सामने ही लूट लूंगा।

राहुल अपना लंड संगीता की गांड पे मसल रहा था। और साथ ही संगीता के गले को चूम रहा था। संगीता आहें भर रही थीं।

तभी उसे एहसास हुआ कि वो जिसे इतनी गंदी नज़र से देख रहा है वो उसकी मम्मी हैं। तभी राहुल को खुद पर गिल्टी फील होने लगी। राहुल वहाँ से अपने रूम में चला गया। राहुल ने अपने रूम में जाकर कुछ देर आराम किया।

शाम हो चुकी थी और वो नीचे हॉल में गया। (राहुल और उसके मम्मी-पापा का रूम फर्स्ट फ्लोर पे बना था, हॉल-किचन और गेस्ट रूम नीचे थे)। राहुल ने देखा पापा ऑफिस से आ चुके थे और सोफे पे बैठकर TV देख रहे थे। राहुल भी अपने पापा के साथ बैठकर TV देखने लगा।

रमेश : बेटा तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही है?

राहुल : अच्छी चल रही है पापा।

रमेश : बेटा तुम्हें इस बार अच्छे परसेंटेज लेने हैं।

राहुल : जी पापा।

तभी संगीता किसी काम से किचन से बाहर आईं। राहुल संगीता के ब्लाउज में हिलते हुए बड़े-बड़े बूब्स को ही देख रहा था। संगीता अपने रूम में चली गईं।

रमेश : तुम्हारे कॉलेज में कोई स्पोर्ट्स होते हैं कि नहीं?

राहुल : होते हैं ना पापा, अगले महीने में ही हैं।

रमेश : तुम सारे स्पोर्ट्स में हिस्सा लिया करो ताकि उसका फायदा आगे चलकर हो।

राहुल : जी पापा।

तभी संगीता रूम से वापस आईं। और राहुल की नज़र संगीता की गांड पे गई। संगीता की गांड मस्त हरकत कर रही थी। संगीता की गांड जिस तरह स्विंग कर रही थी राहुल की नज़र नहीं हट रही थी। जब तक संगीता किचन में गई नहीं तब तक राहुल उसकी हिलती हुई गांड को देखता रहा।

कुछ देर तक राहुल और रमेश TV देखते रहे। रात के 8 pm हो रहे थे। संगीता ने डाइनिंग टेबल पे खाना लगाया। राहुल और रमेश खाना खाने डाइनिंग टेबल पे बैठे थे। संगीता खाना परोस रही थीं तभी राहुल की नज़र संगीता के ब्लाउज में गई। संगीता के बूब्स के क्लीवेज राहुल को साफ दिख रहे थे, जो बहुत गोरे और मिल्की थे।

राहुल (मन में) वाह मम्मी के बूब्स कितने बड़े और मिल्की हैं। मैं ये क्या सोच रहा हूँ, मैं अपनी ही मम्मी को ऐसे कैसे देख सकता हूँ।

संगीता : बेटा तुम्हें और चावल दूँ?

राहुल : नहीं मम्मी बस हो गया।

संगीता : क्यों तुम्हारी तबियत तो ठीक है, इतना कम खाना खाया?

राहुल : अरे मम्मी मेरी तबियत ठीक है बस भूख कम लगी थी।

राहुल ने अपना खाना खत्म किया और हाथ धोकर अपने बेडरूम में चला गया। राहुल को खुद पर बहुत गिल्टी फील हो रहा था। राहुल सोच रहा था कि वो अपनी ही मम्मी को इतनी गंदी नज़रों से कैसे देख सकता है।

राहुल (मन में) मम्मी मेरी कितनी केयर करती हैं। और मैं मम्मी को इतनी गंदी नज़रों से देखता हूँ। इस साले निखिल ने मेरे दिमाग में अनाप-शनाप बातें भर दी हैं।

राहुल बेड पर लेट गया और अपना मन स्थिर करने की कोशिश करने लगा। कुछ देर बाद वो एक मीठी सी नींद की आगोश में चला गया।

Dosto, kahani abhi jaari hai — agle part me dekhiye Rahul apni fantasy ko kaise aage badhata hai. Aisi hi aur kamuk kahani aur maa beta sex story ke liye bane rahiye.

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