Bahan ki seel ka malik bhai:- हेलो दोस्तों मेरा नाम गौरव है. मेरी उम्र 23 साल है. मेरी कोई मस्कुलर बॉडी नहीं है पर मैं ओवरआल फिट हूँ देखने में मैं हैंडसम हूँ अभी मैं दिल्ली में कॉलेज में BCA कर रहा हूँ ये कहानी मेरी बहन की सील तुड़ाई की है. मेरी बहन श्रुति एक हलके सावले रंग की लड़की है. उसकी हाइट करीब 5 फ़ीट है और वो एक पतली सेक्सी फिगर वाली लड़की है. उसकी उम्र कुछ समय पहले ही 19 साल हुई है.
मेरी बहन एक हॉट और इनोसेंट लड़की है. वो अभी फ़र्स्ट ईयर में है. उसके पीछे उसके कॉलेज के कई लड़के है. जब भी वो कॉलेज यूनिफार्म में कॉलेज जाती है सारे लड़के उसकी सलवार सूट वाली हॉट बॉडी में उसके बड़े गोल बूब्स को ही देखते रहते है. उसकी बूब्स के साथ-साथ उसकी गांड भी बहुत गोल-मटोल है.
Bahan ki seel ka malik bhai
वैसे उसकी कॉलेज ड्रेस में कुछ दिखाई नहीं देता पर जब वो जीन्स पहन के साइकिल चलाते हुए ट्यूशन जाती है तो रास्ते पे सारे लोग उसकी गांड देखते रह जाते है. पर मेरी बहन का ये सब में कोई इंटरेस्ट कभी रहा नहीं. वो हमेशा कहती है की वो अरेंज्ड मैरिज ही करेगी. खैर अब स्टोरी पे आते है. ये कहानी आज से कुछ महीने पहले की है जब मैं गर्मी की छुट्टियों के लिए अपने घर कानपुर में गया था. मेरी बहन और मैं बहुत क्लोज थे. हम दिन भर साथ में ही रहते थे और साथ में बातें करते थे और मूवीज देखते थे. और मैं ही उसको पढ़ने में भी हेल्प करता था. हम भाई बहन से ज़्यादा दोस्त थे. और वो मुझे बहुत रेस्पेक्ट करती थी.
मेरी बहन के अलावा मेरे घर में मेरे मम्मी पापा भी है. पापा दिन भर अपने बिज़नेस में बिजी रहते है और मम्मी घर के कामो में. एक दिन की बात है. मैं सुबह उठ के नहाने के लिए जा रहा था. मैंने जैसे ही बाथरूम का डोर खोला मेरे सामने मेरी बहन खड़ी थी. उसके बड़े-बड़े बूब्स ठीक मेरे सामने थे. मैंने तुरंत गेट बंद किया और वहाँ से चला गया. वो पहली बार था जब मैंने उसे ऐसे देखा था. वो सीन देखते ही मेरे दिमाग में कुछ हो सा गया. वैसे हमारा घर बहुत छोटा है तो हम पूरी फॅमिली एक ही रूम में सोते है जिसमे हम फोल्डिंग बेड बिछा लेते है. तो जैसे ही मेरी बहन रूम में आयी मैं डर गया. मुझे लगा वो गुस्सा होगी. तो मैंने टेस्ट करने के लिए उससे पुछा-
मैं: क्या हुआ चलो पढ़ाई करनी है.
श्रुति: बाद में करते है भैया. अभी तो रूम की सफाई करनी है.
मैं: ठीक है तुम कर लो मैं बेड पे लेटा हु.
फिर वो सफाई करने लगी. उसने एक काप्री और टी-शर्ट पहनी हुई थी. वो रूम में झाड़ू लगाने लगी. जैसे ही वो झुकती मुझे उसके बूब्स की झलक दिखती और जैसे ही वो पीछे की तरफ से झुकती तो उसकी गांड मुझे दिखती.
श्रुति: क्या हुआ भैया आप मुझे क्यों देख रहे हो?
मैं: कुछ नहीं देख रहा हूं की आज भी तुम्हे सफाई करनी नहीं आती. थोड़ा अच्छे से झुक के झाड़ू लगाओ.
श्रुति: जी भैया. वैसे भैया मैंने एक मूवी का ट्रेलर देखा था. आप उसको डाउनलोड कर लीजिये तो साथ में देखेंगे.
मैं: ठीक है तुम मुझे मूवी का नाम मैसेज कर देना.
श्रुति: ओके भैया (एक क्यूट सी स्माइल दे के).
मुझे बहुत बुरा लगा की मैं अपनी बहन को किस नज़र से देख रहा था वो कितनी इनोसेंट और प्यारी थी. तो मैंने अपने आप को समझाया और बाहर अपने दोस्तों के साथ घूमने चला गया. पर फिर उस दिन से हर दिन मेरे दिमाग उसके बूब्स पे ही रहता. मैं जहा भी होता उसकी वो एक सेक्सी झलक मुझे याद आती रहती. एक दिन मैं बहुत हॉर्नी था तो मैंने डीसाइड किया की आज तो मैं श्रुति को नंगा देख के ही मुठ मारूंगा. जैसे ही श्रुति बाथरूम गयी मैं उसके पीछे चला गया. मैंने पहले सोचा की फिर-से गेट खोल देता हूँ पर फिर मुझे लगा इससे तो बस 1-2 सेकंड की झलक ही मिलेगी. फिर मेरे दिमाग में एक आईडिया आया। हमारे घर के बाथरूम में सीलिंग सिर्फ आधी बनी है बाकी को ऐसे ही छोड़ा गया है वेंटिलेशन के लिए.
तो मैं छत पे चला गया टैंक में पानी देखने के बहाने. फिर मैंने टैंक के पास खड़े होकर बाथरूम में झांकना शुरू किया. मुझे दिखा की श्रुति शावर से नहा रही थी. मुझे सिर्फ उसकी चिकनी पीठ दिख रही थी. उसकी चिकनी साँवली पीठ जिसपे पानी की बूंदे पड़ रही थी. उस सीन में मेरी बहन बहुत सेक्सी दिख रही थी. मैं उसे देखते हुए अपना लंड हिलाने लगा. फिर जब वो दूसरी तरफ मुड़ी तो मुझे उसके बड़े बूब्स दिखे. उसके बूब्स इतने बड़े थे जितने मैंने उसके कपड़ों से कभी इमेजिन भी नहीं किये थे. उन्हें देख के मुझे विश्वास नहीं हो रहा था की ये परफेक्ट साइज के बूब्स कपड़ों में इतने छोटे क्यों दिखते थे. उसको देखते ही मेरा लंड खम्बे के तरह खड़ा हो गया. फिर मैं पागल हो कर मुठ मारने लगा. मैं वही पे झड़ गया. फिर जैसे ही वो बाहर निकली मैं भी नीचे आ गया और नहाने चला गया.
वहाँ बाथरूम में श्रुति की रेड कलर की ब्रा और पैंटी अभी भी पड़ी थी. मैंने उसे सूंघते हुए और श्रुति को याद करते हुए फिर से 2 बार मुठ मारी. मैंने उसके बूब्स अब तक 2 बार देख लिए थे. अब मेरे दिल में इच्छा जाग रही थी की मैं उसकी नीचे की बॉडी भी किसी तरह से देख लू. और हो सके तो उसके बूब्स मसल सकू. मेरे एक दोस्त से मेरी बात हो रही थी. तो उसने मुझे बोला-
दोस्त: यार आज कल तो लड़कियां 18 की होने से पहले ही चुद लेती है.
मैं: ऐसा नहीं है यार सब लड़कियां ऐसे नहीं होती.
दोस्त: सब ही लड़कियां ऐसी होती है. सब या तो 18 तक चुद चुकी होती है या 18 होते ही चुद जाती है. और अगर कोई लड़की बहुत इनोसेंट हो तो ये आज-कल के हरामी लौंडे उन्हें पटा ही लेते है. ये सब सुन के मेरी और फट गयी. अब मुझे डर लगने लगा था की कही कोई मेरी इनोसेंट बहन को बेवक़ूफ़ बना के उसकी वर्जिनिटी न लेले. मुझे लगने लगा की मेरी क्यूट बहन को कही कोई हरामी लौंडा लिटा के उसकी क्यूट टाइट चूत में लंड डालेगा और उसे बुरी तरह से चोदेगा. उसके गोल बूब्स को चाटेगा. उसके सेक्सी लिप्स पे अपना लंड फेरेगा. मेरा दिमाग ये सब सोच के खराब हो गया और मैंने ठान ली की किसी लौंडे को मैं अपनी बहन की साथ कुछ नहीं करने दूंगा।
तो कुछ दिन ऐसे ही बीत गए थे. मैं मौका मिलने पर अभी भी श्रुति को टॉपलेस बाथरूम की छत से देख लेता था. मेरे दोस्त की बातें मुझे हमेशा याद दिलाती रहती थी की कही श्रुति किसी और की न हो जाये. और मेरे खुद के पास कोई चांस नहीं था उसके साथ कुछ करने का. इसलिए मैं अब उसके ऊपर ज़्यादा नज़र रखने लगा था. मैं अब अक्सर नोटिस करता था की वो कोचिंग से थोड़ा लेट आती थी. और अक्सर फ़ोन यूस करते हुए स्माइल करती थी.
मुझे थोड़ा डाउट होने लगा था. एक दिन मैं श्रुति को स्टडी करने में हेल्प कर रहा था. उस दिन उसने एक ब्लू कलर का टाइट टॉप पहना था और नीचे एक ब्लैक लेग्गिंग. उस ड्रेस में श्रुति का फिगर साफ़ दिख रहा था. श्रुति मेरे बगल में बैठी थी. मुझे उसका क्लीवेज साफ़ दिखाई दे रहा था. जब भी वो कुछ पूछने के लिए मेरी तरफ झुकती तो मेरा हाथ उसके बूब्स से सट जाता था और मुझे जन्नत का एहसास मिल जाता. मुझे उसे पढ़ाने में इसलिए बहुत मज़ा आता था.
श्रुति (मुझसे सटके): भैया ये क्वेश्चन कैसे सोल्वे होगा?
मैंने भी अपना हाथ जान-बूझ कर बूब्स में दबाते हुए कॉपी और पेन लिया.
गौरव: देखो ये ऐसे सोल्वे होगा समझ गयी न?
श्रुति: हां भैया ये तो आपने बहुत इजी तरीके से बता दिया. मेरे टीचर भी इतना अच्छा नहीं पढ़ाते.
गौरव: अच्छा है. पर तुम्हे समझ आ रहा है तो तुम्हारे मार्क्स भी अच्छे आने चाहिए.
श्रुति: हां भैया बिलकुल.
तभी श्रुति के फ़ोन में नोटिफिकेशन ट्यून बजी. श्रुति जल्दी से अपना फ़ोन छुपाते हुए देखने लगी. उसके फेस पे एक अजीब सी स्माइल थी. उसका फेस रेड हो रहा था.
गौरव: क्या हुआ किसका मैसेज है? इतना स्माइल क्यों कर रही हो? कही तुम्हारा बॉयफ्रेंड तो नहीं है (मैंने थोड़ा हंसी में कहा)?
श्रुति: नहीं भैया आप तो जानते है मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है. ये तो मेरी दोस्त प्रिया थी. पूछ रही थी कल कोचिंग जाओगे या नहीं.
मेरे दिमाग में डाउट था इसलिए मैंने एक आईडिया लगाया.
गौरव: अच्छा ठीक है फिर. वैसे मेरे लिए एक गिलास पानी ले आओ गला सूख रहा है.
श्रुति: जी भैया.
श्रुति अपना फ़ोन साइड में रख के पानी लेने चली गए. मैंने इस मौके का फ़ायदा उठाया और श्रुति का फ़ोन चेक करने लगा. मुझे उसके व्हाट्सप्प पे कोई चैट नहीं मिली. शायद उसने मुझसे छुपाने के लिए डिलीट किया था. इसलिए मैंने उसके व्हाट्सप्प को अपने लैपटॉप में जल्दी से लॉगिन कर लिया. अब वो व्हाट्सप्प पे जो भी मैसेज होंगे वो मेरे लैपटॉप पे भी दिखेंगे. तभी श्रुति लौट के आने लगी. मैंने जल्दी से उसका फ़ोन वापस रख दिया. वो पानी लेके जब आ रही थी तो उसके बड़े बूब्स ऊपर-नीचे बाउंस कर रहे थे. एक तो ये सीन ऊपर से पहले जो बूब्स टच किया था मेरा लंड वही खड़ा हो गया. जब श्रुति ने मुझे पानी दिया तो उसकी नज़र मेरे खड़े लंड पे पड़ी. उसने थोड़ा स्माइल किया पर उसने कुछ कहा नहीं. हमने फिर पढ़ाई कंटिन्यू की.
फिर ऐसे ही शाम हो गयी और मम्मी ने हमें खाना खाने बुला लिया. रात को करीब 11 बज रहे थे. श्रुति मेरे सामने अपने बेड पे सो रही थी. मैं माँ डैड और श्रुति हम सब एक ही रूम में सोते थे. लेकिन हम सब अलग बेड यूस करते थे. श्रुति की टी-शर्ट थोड़ी ऊपर उठी हुई थी जिससे उसका चिकना पेट दिख रहा था और साथ ही उसकी ब्रा भी थोड़ी दिख रही थी. ये सीन से मेरा लंड एक-दम खड़ा हो गया था. क्यूंकि रूम में मम्मी पापा भी थे तो मैं उठ करके बाथरूम चला गया और वहाँ मैंने श्रुति के नाम की मुठ मारी. वापस आके मैंने एक बार फिर से श्रुति का व्हाट्सप्प अपने लैपटॉप पे चेक किया. मैंने देखा की उसपे किसी अननोन नंबर से मैसेज आये थे.
राजू: हाय बेबी.
श्रुति: हां बेबी.
राजू: कैसे हो जानू?
श्रुति: मैं ठीक हु.
राजू: बेबी मुझसे तो कल का इंतज़ार नहीं हो रहा.
श्रुति: अच्छा जी. पर इंतज़ार तो करना पड़ेगा.
राजू: वो तो पता है मुझे. मैं कल के लिए बस बहुत एकसाइटेड हूँ, मैंने होटल में बुकिंग भी कर ली है.
श्रुति: अच्छा कौन से होटल में?
राजू: मैं तुम्हे डिटेल भेज दूंगा बेबी. बस कल तुम कुछ अच्छा सा पहन के आ जाना.
श्रुति: अरे तुम फ़िक्र मत करो. कल का दिन तुम फिर भूलोगे नहीं.
राजू: मैं भी कल इतना मज़े दूंगा की तुम भी कल का दिन भूल नहीं पाओगी.
श्रुति: अच्छा जी ठीक है पर ध्यान देना की किसी को पता न चले.
राजू: तुम फ़िक्र मत करो, किसी को पाता नहीं चलेगा. वैसे बेबी अभी एक पिक भेजोगी अपने बूब्स की.
श्रुति: अभी नहीं अभी बहुत लेट हो गया है.
राजू: प्लीज न बेबी.
श्रुति: ओह हो राजू तुम्हे पता है मैं न्यूड्स शेयर नहीं करती. कही लीक हो गए तो? कल मिलना है या नहीं?
राजू: सॉरी-सॉरी तुम गुस्सा मत हो बेबी. हम कल मिलते है. बाय!
श्रुति: हम्म बाई बेबी.
ये सब मैसेज देख के मेरा तो सर घूम गया. मेरे सर पे खून चढ़ गया की ये क्या हो रहा था. ये राजू कौन था. और ये कल क्या वही होने वाला था जो मैं सोच रहा था?कही ये सब पहले भी तो नहीं हो चूका? कही श्रुति की सील पहले से इस लौंडे ने खोल तो नहीं दी थी? मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था. पर मुझे शांत दिमाग रख के कोई आईडिया निकालना था. क्यूंकि मैं नहीं चाहता था की मेरी बहन की सील कोई और तोड़े. उसकी सील का मालिक सिर्फ मैं था और कोई नहीं. मैंने बहुत सोचा और एक प्लान बनाया.
मैंने अपने लैपटॉप से राजू को श्रुति बन के मैसेज किया-
मैं: बेबी सुनो.
राजू: हां जानु बोलो.
मैं: वो कल का प्लान थोड़ा चेंज हो गया है.
राजू: क्यों क्या हुआ? कल नहीं आओगी क्या? कल का पूरा प्लान बन चुका है. ना मत करो.
मैं: नहीं-नहीं ऐसा नहीं है. मैं भी थोड़ी सी एकसाइटेड हूं इसलिए मैं थोड़ा जल्दी आ जाउंगी. तुम भी आधे घंटे पहले आ जाना.
राजू: ठीक है जानु ये तो और भी अच्छी बात है तुम्हारे कोचिंग का टाइम सिर्फ 2 घंटे था. अब थोड़ा और टाइम मिलेगा साथ में स्पेंड करने को.
श्रुति: हम्म ठीक है बाई.
राजू: बाई जानु.
तो राजू और मेरी बहन श्रुति होटल में क्या करने वाले थे और मेरा प्लान क्या था. अगर वो सच में सेक्स करने वाले थे तो क्या मैं श्रुति की सील गैर मर्द से टूटने से रोक पाया. ये सब नेक्स्ट पार्ट में. नेक्स्ट पार्ट बहुत जल्द आने वाला है. तब तक आप मुझे कमेंट करके बताये आपको क्या लगता है आगे क्या होने वाला है.