Abbu aur bhai jaan dono se chudai hui:- हे फ्रेंड्स, कैसे हो आप! मेरा नाम आयशा है। मैं अपने अब्बू और भाई के साथ रहती हूँ। मैं दिखने में बहुत ही खूबसूरत हूँ। और मेरा फिगर तो क्या कमाल का है। मेरे फिगर पर तो आधी जनता मर-मिट्टी है और हो भी क्यों न, आखिरकार मैं हूँ ही इतनी सुंदर कि मैं आपको क्या बताऊँ।
अब ज्यादा समय न वेस्ट करते हुए मैं आपको अपनी कहानी पर लेकर चलती हूँ।
Abbu aur bhai jaan dono se chudai hui hindi sex story
ये बात आज से कुछ समय पहले की है। पर उससे पहले मेरे अब्बू और मेरे भाई के बारे में भी जान लो। मेरे अब्बू मुझसे प्यार बहुत-बहुत-बहुत करते हैं। और मेरा भाई भी मुझसे बहुत प्यार करता है। और मैं भी दोनों से बहुत ज्यादा प्यार करती हूँ।
आपको मैं ये भी बता दूँ कि मेरे अब्बू और मेरे भाई के साथ मेरा यार ही नहीं बल्कि सेक्स वाला रिश्ता भी हो रखा है। मैं दोनों से बहुत बार चुदी हूँ और कई बार दोनों साथ मिलकर भी चुदी हूँ। और दोनों साथ चुदने में खूब मजा आता है।
तो बात एक रात की है। मैं अपने रूम में थी और रात के समय टीवी पर एक सेक्स वीडियो लगाकर बैठी थी। उस वीडियो में एक लड़की चार लड़कों के साथ थी। और चार के चार लड़के उसे एक साथ चोद रहे थे और वो खूब मजे से चुदवा रही थी।
मैं तो ऐसे ही देख रही थी और ये देखकर मैं तो चौंक ही गई कि आखिरकार एक लड़की चार लड़कों के साथ कैसे कर सकती है और वो भी एक साथ एक ही समय पर। अब मैं ये सब सोचते हुए खुद ही चूत पर हाथ लगाने लगी और मेरा भी मन करने लग गया।
वैसे मैं आपको बता दूँ कि मेरा बॉयफ्रेंड मुझे डेली चोदता है और वो डेली बहुत मजे भी देता है। पर अब दो दिन के लिए उसे बाहर जाना पड़ रहा है जिसकी वजह से मैं और मेरी चूत तड़प रही है।
तो अब मैं ये सब सोचते हुए पापा के रूम में चली गई। मैं बहुत ही चुपके से वहाँ पर गई थी। और फिर मैंने पापा की लुंगी को ऊपर कर दिया और फिर उनके सोए हुए लंड को हाथों में ले लिया।
मेरे लंड के लेने से वो उठ पड़े और फिर सीधा हो गए तो मैंने उनके लंड को मुँह में ले लिया और चूसने लग गई। मुझे ये सब करने में बहुत मजा आ रहा था और मैं बस ऐसे ही करती जा रही थी और बस करती जा रही थी।
तब पापा मुझसे पूछने लग गए कि आज अपने पापा की याद कैसे आ गई तो मैंने उन्हें बताया कि मैं अपने रूम में मूवी देख रही थी जिसमें एक लड़की 4 लड़कों के साथ कर रही होती है।
तो ये सब सुनकर पापा ने काफी प्यार से कहा कि वो विदेशी मैडम होगी। तो मैंने उन्हें कहा कि आप सही कह रहे हो। और फिर उसके बाद मैंने उन्हें कहा कि मैंने भी ऐसे ही करना है तो वो मना करने लग गए।
पर मैंने बार-बार जिद करना शुरू कर दिया जिसकी वजह से उन्होंने कहा—
पापा: मैं 4 बंदों को कहाँ से लाऊँ? पर हाँ तूने अगर एक से ज्यादा के साथ करना है तो अपने भाई को बुला ला। वो पक्का हाथ से कर रहा होगा।
और ये सुनकर मैं नंगी ही अपने भाई के कमरे की ओर गई। अभी कमरे के बाहर पहुँची ही थी कि तभी मुझे भाई की कुछ अजीब सी आवाजें सुनने लग गईं। मैं वहीं कान लगाकर सुनने लग गई और देखने लग गई।
तब मैंने देखा कि भाई सच में हाथ के साथ कर रहे थे और ऐसे ही वो लगातार करते जा रहे थे। अब उनके मुँह से आह्ह्ह आह्ह्ह की आवाजें भी आ रही थीं और वो काफी तेजी से कर रहे थे। और फिर ऐसे ही जब उनका होने वाला था और वो बिल्कुल लास्ट पोजीशन पर थे तो मैं अंदर चली गई और उनके लंड को अपने बूब्स के बीच में ले लिया।
अब बूब्स के बीच में लंड के आते ही उसने अपना काफी सारा माल निकाला। फिर ये होने के बाद मैंने भाई से कहा—
मैं: चलो पापा के रूम में। क्योंकि पापा बुला रहे हैं।
और फिर मैं उनके लंड को पकड़कर उन्हें पापा के रूम में ले आई।
इधर आकर मैंने ये बात पापा से कही तो पापा कहने लग गए।
पापा: देखा बेटी, मैंने सही कहा था। और ये एक्सपीरियंस तो ऐसे ही याद रहता है और पता होता है कि कब क्या करना है।
अब ऐसे ही मैं पापा और भाई के साथ बात करने लग गई और फिर पापा के लंड को पकड़कर मैं सहलाने लग गई तो पापा ने कहा—
पापा: आज हम एक अलग ही न्यू पोजीशन में करेंगे।
तो ये सुनकर मैं काफी ज्यादा खुश हो गई। और पापा को कहने लग गई कि जो करना है जल्दी करो।
और फिर उसके बाद पापा ने मुझे अपनी गर्दन तक पैर लाने को कहा और पीछे करके लॉक करने को कहा। तो मैंने ऐसे ही किया। पर मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ये कैसे होगा और डर भी लग रहा था। पर हाँ वो डरने नहीं दे रहे थे और फिर उन्होंने मेरी चूत को अपने मुँह के पास रख लिया और फिर उसके बाद वो चाटने लग गए।
मुझे ये सब करवाने में बहुत मजा आ रहा था और तभी मुझे डर भी लग रहा था कि मैं गिर न जाऊँ। और उन्होंने हौसला बनाए रखा और मेरी चूत को चाटते रहे और बस चाटते रहे।
फिर काफी देर तक ऐसे करने के बाद उन्होंने मेरा सिर नीचे करने को कहा मतलब कि मैं सीधा हो गई। पहले तो मैंने मना कर दिया कि आप ये क्या कह रहे हो ये मुझसे नहीं होगा। पर बाद में उनके ज्यादा कहने पर मैं सिर को नीचे कर लिया।
अब मैं भी उनके लंड को मुँह में लेकर चूसने लग गई और पागलों की तरह खाने लग गई। अब मुझे भी ये सब करने में बहुत मजा आ रहा था और उधर वो मेरी चूत को चाटते जा रहे थे और बस चाटते ही जा रहे थे।
तो उसके बाद अब्बू ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और भाई से कहने लग गए—
पापा: आज इसकी चूत का हलवा बनाना है। क्योंकि इसने मुझसे 4 बंदों से चुदवाने को कहा है। और आज हम ही दो लोग इसके चार बनकर दिखाते हैं तब जाकर इसको पता चलेगा कि सेक्स होता क्या है।
अब उनकी ये बातें सुनकर मुझे बहुत मजा आ रहा था और मुझे हो रहा था कि मैं भी अब अच्छे से चुदूँगी। तो अब मैं ऐसे ही खुश होती जा रही थी। और फिर उसके बाद अब्बू ने मेरी चूत पर अपना लंड रख दिया और उसे ऊपर-नीचे करने लग गए।
अब मैं ऐसे ही उनके साथ करने लग गई। मैं भाई का लंड बहुत ही मजे से चूस रही थी और अब्बू मेरी चूत पर अपनी जीभ लगा रहे थे। जिसका मुझे बहुत ही मजा आ रहा था। मैं पागलों की तरह बस मजे लेती जा रही थी।
मुझे तो इसमें ही बहुत मजा आ रहा था कि मैं चूत को चुदवाने के बारे में तो भूल ही गई थी। मैं बहुत ही मजे से भाई का लंड मुँह में लेकर चूस रही थी और भाई भी मजे से अपना 9 इंच लंबा लंड मेरे मुँह में घुसा रहे थे।
उधर अब्बू ने मेरी चूत में अपनी गरम-गरम जीभ डाल दी जिसका मुझे ऐसे लगा कि मैं तो जैसे जन्नत में आ गई हूँ। और फिर ऐसे ही वो मुझे चोदते रहे और मैं पागलों की तरह दोनों के मजे लेती रही।
मुझे तो दोनों तरफ से ही मजे मिल रहे थे और मैं बस पागलों की तरह उनके लंड को चूसती जा रही थी। भाई भी लंड के साथ-साथ मेरे बूब्स भी दबा डालता था। जिससे कि मुझे काफी ज्यादा दर्द हो रहा था। और दर्द भी बहुत जोर से हो रहा था पर मजा भी आ रहा था तो मैंने अपनी चूत का पानी ही निकाल दिया।
अब ऐसे ही उन्होंने मुझे चोद दिया। तो मुझे ये लगा कि चलो अब मैं बच गई। पर तभी अब्बू भाई से कहने लग गए—
पापा: आज इसको ऐसे चोदना है जैसे कि ब्लू फिल्म में चोदते हैं और फिर ये ब्लू फिल्म ही भूल जाए। इसका तो आज फालूदा ही निकालना है।
मैं ये सुनकर थोड़ा डर गई कि अब्बू जो कह रहे थे वो क्या सच में हो जाएगा। पर मैं तो चुदना पहले से ही चाहती थी तो मैंने फटाफट से खुद को तैयार कर लिया। पर उससे पहले उन्होंने एक-एक करके मुझसे लंड को चूसने को कहा तो मैंने भी मना नहीं किया और फिर मैं बहुत ही मजे से चूसने लग गई।
अब्बू बेशक अब बुड्ढे हो गए थे पर अभी भी अब्बू का लंड एकदम खड़ा और लंबा-मोटा रहता था। मैं बहुत ही मजे से चूस रही थी और मैं मजे भी ले रही थी। अब ऐसे ही करने से जब भाई का चूसने लगी तो भाई का तो मेरे मुँह ही पानी निकल गया जिसे मैंने खूब अच्छे से पीया। और फिर उन दोनों ने मुझे खूब चूसना शुरू कर दिया।
अब दोनों के लंड खड़े तो थे ही तो पापा ने अब मुझसे कहा—
पापा: अब बेटी तू चुदने के लिए तैयार हो जा।
तो मैं भी मजे में हाँ-हाँ कर गई और खूब मजे लिए।
अब अब्बू नीचे लेट गए तो उन्होंने कहा कि ये चूत इस लंड पर रख। तो मैंने उनके कहने पर वैसा ही किया और फिर आराम से लंड को चूत में ले लिया। और अब्बू मेरे बूब्स को चूसने लग गए और फिर उन्होंने मुझे चोदना शुरू कर दिया।
पर थोड़ी ही देर बाद उन्होंने भाई से कहा—
पापा: तू भी अपना लंड डाल।
तो तब मैं अब्बू के कहने पर अपनी गाँड को ऊपर उठाया पर भाई को लगा कि मैं तो गाँड मारूँगा तो वो गाँड में लंड डालने लगे।
ये महसूस करने के बाद मैंने अब्बू से कहा तो वो भाई को डाँटने लग गए। और फिर डाँट खाने के बाद भाई ने लंड को चूत पर रखा। जहाँ पर पहले ही अब्बू का जा रखा था पर उसके बावजूद भी डालने की कोशिश करी।
मुझे लगा कि नहीं जाएगा और अगर जाए ही तो उँगली ही जाएगी। पर फिर भी कोशिश करके भाई ने अपना टोपा चूत में उतार ही दिया। उनके ऐसे करने से मैं बहुत जोर से चिल्लाई जिससे कि अब्बू ने मेरे बूब्स दबाने शुरू कर दिए।
अब ऐसे ही भाई ने पूरा लंड उतार डाला जिससे कि मैं आह्ह्ह आह्ह्ह जैसी जोर से चीखने लग गई। मुझसे दर्द बर्दाश्त नहीं हो रहा था और मेरा तभी बैलेंस बिगड़ गया और मैं अब्बू के ऊपर आ गई। और फिर उसके बाद उन्होंने मेरे होठों को चूस लिया।
पर अब्बू ने अब जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया जिससे कि मैं पागल हो गई और फिर मुझे भी मजा आने लग गया। अब ऐसे ही काफी देर तक ये चलता रहा। और फिर उसके बाद पहले एक का पानी निकला तो मुझे पता नहीं लगा कि किसके पानी से मेरी चूत भरी है।
और फिर दूसरे का पानी निकला तो तब पता चला कि अब दोनों ही झड़ गए हैं। पर मैं अभी तक झड़ी नहीं थी तो मैंने अब्बू से कहा—
मैं: मेरा पानी भी निकालो नहीं तो मैं तुम दोनों के लंड को यहीं काट डालूँगी।
तब मेरी बात पर अब्बू ने मेरी चूत में लंड डाल दिया और मुझे खड़ा करके पीछे भाई आ गया और फिर उसका लंड मेरी गाँड पर लग गया।
अब भाई ने लंड को गाँड में डाल दिया और फिर उधर अब्बू ने भी लंड को चूत में डाल दिया। मैं दोनों ही तरफ से बहुत मजा ले रही थी और मैं बहुत ही मजे से चुदाई करवा रही थी।
भाई मेरे बूब्स को जोर-जोर से दबा रहा था जिससे कि चुचियाँ पागल हो रही थीं। और फिर उसके बाद मैंने ही जोर-जोर से चुदवाना शुरू कर दिया। और मुझे उनके निप्पल के करने से भी बहुत दर्द हो रहा था तो मैं बहुत जोर से चिल्लाई और कहा—
मैं: मत करो, रुक जाओ।
पर वो नहीं रुके।
अब ऐसे ही सब कुछ चल रहा था और फिर उसके बाद मैंने अपना पानी उनके लंड पर निकाल दिया। और फिर हम सब अलग हो गए और आराम से लेट गए।
ये सब करने में बहुत मजा आ रहा था और तब मैंने अब्बू से कहा—
मैं: ये तो बहुत अच्छा हुआ है। मैंने बहुत मजे लिए हैं और अब मुझे और कहीं से भी नहीं चुदवाना है।
तो दोस्तों, ये कहानी मेरी थी। पढ़िए और मुझे जरूर बताइए कि आपको कैसी लगी।