Mummy ko aakhir chod hi diya:- हाय दोस्तो, पिछले 8 पार्ट्स में लगातार आप लोगों के कमेंट्स पढ़के बहुत ज्यादा खुशी हुई। मुझे अच्छा लगा कि आप लोग मेरी कहानी को इतना पसंद कर रहे हैं। मुझे ऐसे ही फीडबैक्स देते रहना। अब मैं पिछले सेशन की बात पूरी करता हूँ।
मम्मी और मैं अब साथ नहाने जा रहे थे। हम लोग बाथरूम गए और वहाँ शावर ऑन किया। मम्मी मुझे साफ कर रही थीं और मैं मम्मी के बूब्स को साफ कर रहा था।
Part 8 ==> बड़ी बहन ने मुठ मारते पकड़ा 8
Mummy ko aakhir chod hi diya hindi sex story
पानी की बूँदें मम्मी के गोरे बदन पर बिल्कुल मोती जैसी लग रही थीं। मैं मम्मी की आँखों में देख रहा था। उनके गीले बाल, गीला चेहरा और गीला बदन मुझे एक्साइट करने लगा और मेरा लौंडा फिर से खड़ा होने लगा।
मैंने मम्मी को गले से लगा लिया और उनकी गर्दन पर किस करने लगा और उनकी चूत पर हाथ लगाके रगड़ने लगा। मम्मी ने पैंटी अब भी नहीं उतारी थी।
लेकिन पैंटी पूरी गीली हो चुकी थी और चूत से बिल्कुल चिपकी हुई थी। मैं मम्मी की चूत से खेल रहा था और मम्मी के होठ चूस रहा था।
और उधर मम्मी मेरा लंड पकड़के हिला रही थीं। बाथरूम में मम्मी की आआह्ह्ह आआह्ह्ह और शावर की आवाज आ रही थी। मैं जब भी मम्मी की चूत को जोर से दबाके रगड़ता उनके मुँह से कामुकता से भरी एक आआह्ह्ह निकल जाती।
फिर मैंने मम्मी को दीवार से टिका दिया और उनकी बैक साफ करने लगा और अपने खड़े लंड को उनकी गाँड के बीच में फँसा दिया। मम्मी की मोटी थाईज बिल्कुल चिपकी हुई थीं और इससे बिल्कुल चूत जैसी टाइटनेस का मजा आ रहा था।
मैंने शैम्पू उठाके मम्मी के सर पर डाला और थोड़ा शैम्पू अपने लंड पर डाल दिया। अब मैं मम्मी के बाल साफ करता जा रहा था और लंड थाईज के बीच बार-बार अंदर-बाहर कर रहा था। बिल्कुल एक टाइट चूत चोदने का मजा आ रहा था। (आप लोग कभी ट्राई करना?)
मम्मी के बाल से शैम्पू उनकी कमर तक आ रहा था और आगे से मैं उनके दूध दबा-दबा के उनकी जाँघें चोद रहा था। फिर मम्मी ने पैंटी उतारने का इशारा किया।
मैंने मम्मी की जाँघों में से लंड बाहर निकाला और उनकी पैंटी को उतारने लगा। पैंटी उतारके मैंने मम्मी को सीधा किया और मम्मी को दिखाके उनकी पैंटी चाटने लगा। मम्मी बोलीं—
मम्मी: पैंटी नहीं, चूत चाट मेरी बेटा।
बस ये सुनके मुझसे रहा नहीं गया। मैं नीचे बैठा और मम्मी की चूत पर मुँह रख दिया।
उफ्फ्फ दोस्तो क्या तो चूत थी मम्मी की, गोरी बिल्कुल जिसपे हल्के-हल्के बाल थे। रिसेंटली शेव्ड की थी उसके बाद के बाल थे।
मम्मी ने पैर खोल लिए और मेरा सर पीछे से पकड़के अपनी चूत पर रख दिया और बोलीं—
मम्मी: चाट बेटा चाट अपनी माँ की चूत।
मम्मी के मुँह से ऐसी बात सुनके रहा नहीं गया और मैंने जबान से मम्मी की चूत चोदना शुरू कर दिया। और मम्मी की चूत का छेद खुल गया। मैंने मम्मी से कहा—
मै: मैं लेट जाता हूँ। आप मेरे मुँह पर चूत रखकर बैठो।
मैं फर्श पर लेट गया और मम्मी अपनी मोटी सी गाँड मेरे मुँह पर करके ऊपर-नीचे होने लगीं। मैं कभी उनकी गाँड पर किस करता, कभी गाँड के छेद पर और कभी चूत पर। फिर मम्मी मेरे मुँह पर चूत रखकर बैठ गईं।
मम्मी की दोनों मोटी गाँड मेरे चेहरे को कवर कर रही थीं और मैं जबान से उनकी चूत पर चाट रहा था। मम्मी की चूत के रस और मेरे थूक से मेरा पूरा चेहरा गीला हो चुका था।
उधर मम्मी ने मेरा लंड अपने हाथ में जकड़ लिया और जोर से हिलाने लगीं। मैं मम्मी की चूत को अब और ज्यादा जोर-जोर से अपनी जबान से चोद रहा था।
अचानक मम्मी झुकीं और मुझे उनकी गाँड का छेद अच्छे से दिखने लगा। और उधर मम्मी ने झुकके मेरा लंड मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगीं। उनके चूसने की आवाज बहुत इरोटिक थी और मुझे उनके मोटे-मोटे होठ अपने लंड के चारों तरफ महसूस हो रहे थे और उनकी जबान कंटीन्यू मेरे लंड के छेद पर चल रही थी।
इधर मैंने मम्मी की चूत छोड़ उनकी गाँड के छेद से खेलना शुरू कर दिया। कुछ देर गाँड चाटने के बाद मैं वापस चूत पर आया और जोर-जोर से मम्मी की चूत को जबान से चिढ़ने लगा।
अचानक मम्मी ने मेरा लंड छोड़ा और मेरे मुँह पर चूत को दबाने लगीं। मैंने उनकी चूत के छेद को देखा उसमें से ट्रांसलूसेंट फ्लूइड रह-रह के निकल रहा है। मैंने जबरदस्ती करके जबान चूत के अंदर डाली और चूत के अंदर जबान ऊपर-नीचे फेरके सारा चूत का रस पी गया। नमकीन और कसैला टेस्ट था।
मम्मी चूत मेरे मुँह पर दबा-दबा के झड़ रही थीं। मैंने फिर मम्मी की तरफ देखा तो मम्मी आँखें बंद करके ऊपर सर किए थीं। मैंने लंड पर शैम्पू लगाया, और सोचा अच्छा मौका है। मैं उठा और मम्मी को फर्श पर लिटा दिया, और चूत पर मुँह रखकर चाटने लगा। जोर-जोर से जब मम्मी बहुत ज्यादा एक्साइटेड हो गईं तो मैं उठा और लंड चूत पर रख दिया। मम्मी ने एकदम से मेरी तरफ देखा और बस देखती रहीं।
मैंने आराम से अपना लंड थोड़ा अंदर डालने की कोशिश की, लेकिन मेरे लंड का हेड बहुत बड़ा था इसलिए हेड अंदर जाते ही मम्मी के मुँह से एक आआह्ह्ह निकली।
फिर मम्मी एकदम से पीछे हट गईं और खड़ी हो गईं। मैंने कहा—
मै: मम्मी चोदने दो प्लीज।
वो कुछ नहीं बोलीं। और मैंने मम्मी को दीवार से टिका दिया और गाँड के नीचे लंड करके चूत के छेद में ले गया और फिर से डाला। अब मम्मी ने आआह्ह्ह किया और कुछ नहीं बोलीं। मैंने फिर एक धक्का दिया, आधा लंड मम्मी की चूत में था।
मम्मी मेरी आँखों में देख रही थीं, और बोलीं—
मम्मी: बेटा ये सही नहीं है। फोरप्ले तक ठीक है पर सेक्स नहीं।
मै: मम्मी प्लीज।
मम्मी: नहीं बेटा सब कुछ कर लो लेकिन मेरे साथ सेक्स नहीं।
मै: ठीक है मम्मी।
और ये कहने के बाद मैंने एक जोरदार धक्के के साथ पूरा लंड मम्मी की चूत में डाल दिया। मम्मी ने एक जोर से आआआह्ह्ह की आवाज निकाली और मेरी आँखों में देखने लगीं और फिर मेरे होठों को अपने होठों में ले लिया। मैंने कहा—
मै: मम्मी चोदूँ या निकाल लूँ?
मम्मी ने कुछ नहीं कहा।
मैंने फिर पूछा—
मै: मम्मी चोदूँ आपको इस मोटे लंड से या बाहर निकाल लूँ?
फिर मम्मी ने आआह्ह्ह की और बोलीं—
मम्मी: बेटा निकाल निकाल के चोद आज।
मैं समझ गया मम्मी अब चुदाई के अंतिम चरण पर हैं। मैं अब उन्हें टीज कर रहा था।
मैंने लंड बाहर निकाला और मैंने कहा—
मै: पर मैं आपका बेटा हूँ???
वो मेरी तरफ देखने लगीं—
मम्मी: जल्दी चोद बेटा प्लीज।
मै: नहीं फोरप्ले तक ठीक है पर रियल सेक्स नहीं।
मम्मी मेरी तरफ पलटीं। मुझे गुस्से में देखा। मेरा लंड पकड़के चूत पर रखा। फिर मैंने लंड को एक झटके में चूत के अंदर तक डाल दिया। और मम्मी की चूत को चोदने लगा।
अब शावर बंद हो चुका था। मम्मी और मैं चुदाई का मजा ले रहे थे। मैं मम्मी की चूत पर जोरदार झटके मार-मार के उन्हें चोद रहा था। मम्मी की चूत के होठ बिल्कुल लाल हो चुके थे। दिल कर रहा था कि इनकी चूत को आज खा जाऊँ।
मैंने मम्मी के दूध को पकड़ा और एक दूध के निप्पल को दाँतों में भींच लिया और नीचे चूत पर जोरदार झटके मार रहा था। मम्मी के मुँह से आह आह आआह्ह बेटा, आआह्ह साहिल चोद बेटा और जोर से बस यही आवाजें बाथरूम में गूँज रही थीं।
फिर मैंने मम्मी की गर्दन पर किस की और किस इतनी जोरदार थी कि उसका निशान गले पर रह गया, यानी लव बाइट का निशान मैंने अपनी मम्मी के गले पर छोड़ दिया था। मैं नीचे से चूत के मजे ले रहा था।
और मम्मी बस आआह्ह्ह आआह्ह्ह आआह्ह चोद बेटा जोर से और जोर से यही सब कह रही थीं। मैंने मम्मी को फर्श पर लिटाया और उनके ऊपर आ गया और चूत को जोर-जोर चूसने लगा। फिर मैंने लंड पकड़के चूत में डाला। मम्मी बहुत ज्यादा एन्जॉय कर रही थीं। बाथरूम में अब सिर्फ मम्मी की और चुदाई की फच-फच की आवाजें आ रही थीं।
मैं अब थोड़ी देर में झड़ने वाला था। मैंने एक-दो झटके और मारे कि तभी गेट पर से अनम की आवाज आई। मम्मी तो सेक्स के मजे में इतनी मुक्त हो चुकी थीं कि उन्हें आवाज सुनाई नहीं दी। मैंने लंड बाहर निकाला तो मम्मी बोलीं—
मम्मी: क्या हुआ बेटा? मत तड़पा प्लीज।
मै: मम्मी अनम आ गई। जल्दी आप जाओ। मैं यहीं हूँ।
मम्मी की आँखों में हवस और चुदाई का नशा साफ दिख रहा था।
तो मम्मी वहाँ से उठीं और टॉवल लपेटकर बाहर गईं और गेट खोला। मैंने बाथरूम अंदर से बंद कर लिया था। मुझे अनम की आवाज आ रही थी।
उसने मेरे बारे में पूछा तो मम्मी बोलीं—
मम्मी: वो चला गया दोस्त के साथ।
और मम्मी सीधे बाथरूम में आ गईं और अनम ऊपर रूम में चली गई।
फिर मम्मी ने आते ही टॉवल गिराया और बोलीं—
मम्मी: जल्दी खत्म कर बेटा बस।
मै: मम्मी अनम घर में है।
मम्मी: कुछ नहीं होगा।
बस दोस्तो मैंने मम्मी की चूत पर लंड रखा जो घबराहट की वजह से थोड़ा ढीला हो गया था।
चूत पर लंड रगड़ने के बाद जब थोड़ा खड़ा हुआ तो मैंने फिर से चूत में डालके मम्मी की चुदाई शुरू कर दी। पर अब मम्मी आवाजें नहीं निकाल रही थीं। बस उनकी दबी-दबी आआह्ह मुझे सुनाई दे रही थीं।
मैं मम्मी की चूत में लंड डालता और फिर लंड बाहर खींचके झटके से अंदर डालता, और ऐसे ही जोर-जोर से चुदाई कर रहा था। मैं मम्मी के ऊपर लेट गया और जोर-जोर से चुदाई करने लगा। मम्मी ने मेरी कमर पर हाथ रखे और जोर से पकड़के मेरे मुँह से अपना मुँह लगा लिया।
अब मैं समझ गया मम्मी झड़ रही हैं, और मुझे लंड पर गरम-गरम अहसास हुआ। जिससे मैं बहुत ज्यादा एक्साइटेड हो गया। मैं भी अब झटके की स्पीड बढ़ा चुका था।
मैंने मम्मी से कहा—
मै: अंदर हूँ? निकाल दूँ?
तो मम्मी ने कहा—
मम्मी: नहीं।
मैंने झटके मारते-मारते लंड बाहर खींचा और एक पिचकारी मम्मी के मुँह पर मारी और दूसरी छोटी पिचकारी उनके बूब्स पर। और मम्मी ने मेरा लंड मुँह में लेके चूस-चूसके साफ किया और सेमेन की आखिरी बूँद तक निकालके पी गईं।
मम्मी और मैं कुछ देर ऐसे ही पड़े रहे। फिर हम उठे और साथ में नहाए। और मम्मी ने रूम में जाके कपड़े चेंज किए और मेरे कपड़े मेरे रूम से लाके मुझे दिए। मैंने कपड़े पहने और मम्मी को जोरदार किस की और दूध को दबाने लगा।
मैंने मम्मी से कहा—
मै: अब मैं रोज आपको चोदूँगा।
मम्मी: नहीं। नो मोर सेक्स। बस ये पहली और आखिरी बार था।
मैंने सोचा अभी मूड नहीं है इनका इसलिए खामोश ही रहो और चुपचाप से अपने रूम में चला गया।
और रूम में आकर मम्मी की चूत के टेस्ट के बारे में सोचने लगा कि मम्मी की चूत का टेस्ट और सबा की चूत का टेस्ट बिल्कुल सेम है।
यही सोचते-सोचते मैं सो गया। और करीब 3 बजे मेरी आँख खुली और मेरा लंड मेरे लोअर से बाहर झाँक रहा था। मैं मम्मी के बारे में सोचने लगा कि अब कैसे उन्हें दोबारा चोदा जाए क्योंकि माँ की चूत में जो मुझे मजा मिला वो संध्या की चूत में भी नहीं मिला था।
फिर शाम को डाइनिंग टेबल पर खाना खाते वक्त अचानक अनम ने मम्मी के गले पर लव बाइट देखके बोला—
अनम: मम्मी आपके गले पर क्या हो गया?
मम्मी एकदम सहम गईं और मेरी तरफ देखने लगीं। सबा ने मेरी तरफ देखा और मैं मम्मी को देख रहा था। मम्मी घबराहट के मारे कुछ नहीं बोलीं। अचानक सबा बोली—
सबा: नेकलेस की चेन में स्किन आ गई होगी। मेरी भी आ जाती है।
उस वक्त तो सब खामोश हो गए लेकिन रात को सबा मेरे रूम में आई और मुझसे बोली—
सबा: ये सब क्या चल रहा है????
आगे की कहानी जानने के लिए पढ़ते रहिए।