बड़ी बहन ने मुठ मारते पकड़ा 12

Bahan ki madad se mummy ki gand mari:- हेलो दोस्तो कैसे हैं आप। पहले तो बहुत सारी माफी क्योंकि बहुत अरसे बाद आपको अपडेट दे रहा हूँ। लेकिन क्या करूँ ये पेट और लंड किसी को कहाँ सुकून लेने देते हैं, दिन में काम और पढ़ाई और रात में आराम और चुदाई।

इस सब में टाइम निकालना बहुत मुश्किल हो जाता है। लेकिन अब कोशिश करूँगा आपको अपडेट दे सकूँ।

Part 11 ==> बड़ी बहन ने मुठ मारते पकड़ा 11

मुझे मेल्स के जरिए मालूम हुआ कि मेरी बहनों और माओं की चूत गीली हो जाती है स्टोरी पढ़के और भाइयों के लंड बहनों के लिए खड़े हो जाते हैं। मुझे खुशी हुई ये जानकर कि आप लोग कंसेंसुअल इंसेस्ट को सपोर्ट कर रहे हैं।

आप लोगों के ईमेल्स मिलते रहे लेकिन बस मैं अपडेट नहीं कर पाया।

स्टोरी यहाँ!

अब मैं ज्यादा टाइम न वेस्ट करते हुए स्टोरी पर आता हूँ।

उस दिन मम्मी मेरा लंड चूस रही थीं और अचानक बाथरूम से मग गिरने की आवाज आई। आवाज सुनते ही मम्मी ने लंड को मुँह से निकाला और बाथरूम की तरफ मुड़ीं। मम्मी मेरे सामने अपनी बड़ी सी गदरेली गाँड मटकाते हुए बाथरूम की तरफ बढ़ रही थीं।

मैंने फौरन उनका हाथ पकड़के रोकना चाहा लेकिन तब तक मम्मी दरवाजे तक पहुँच चुकी थीं और ये सब बस 3-4 सेकंड में हुआ। मम्मी ने दरवाजा खोला और सामने जो मंजर था वो देखके तो मैं भी दंग रह गया।

दरवाजा खुलते ही मैंने देखा कि सबा जमीन पर पूरी नंगी टाँगें खोलकर दीवार से टिकके बैठी है और लेफ्ट हैंड से अपना राइट बूब दबा रही है और राइट हैंड से अपनी गीली चूत को मसल रही है।

सबा की आँखें बंद थीं। उसे खामोशी का अहसास हुआ तो उसने आँखें खोलीं और आँखें खोलीं तो उसके सामने उसकी नंगी माँ और नंगा भाई एक साथ खड़े थे और वो चूत को मसले जा रही थी।

ये देखके मम्मी बिल्कुल सुन हो चुकीं और मेरा लंड कुतुब मीनार से मूँगफली बन चुका था।

अचानक मम्मी फर्श पर गिर पड़ीं। तभी सबा उठी और मेरे साथ उसने मम्मी को उठाया। मैं मम्मी की दोनों टाँगें पकड़े हुए था और उनकी चूत से टपकता हुआ पानी मेरी आँखों के सामने था।

मम्मी की चूत से पानी बहके उनकी जाँघों पर बह रहा था और चूत के पास की जाँघ बिल्कुल गीली हो चुकी थी, और चूत से एक चाशनी जैसा तार बन रहा था जो मम्मी की जाँघों से चिपक रहा था।

आखिर कौन बेटा होगा जो अपनी माँ को ऐसे नहीं देखना चाहेगा। उधर सबा ने मम्मी को बगल से पकड़ा हुआ था, वो कंटीन्यू मम्मी के बूब्स और निप्पल देख रही थी।

थोड़ा बूब्स के पास से दबाते हुए उनको उठा रही थी। मैं सबा के बूब्स और मम्मी के बूब्स और दोनों की गीली चूत देख रहा था और मेरी मूँगफली अब एक बड़ा केला बन चुकी थी। मेरा लंड अभी भी मम्मी के थूक और मेरे प्रीक्यूम से गीला था।

हमने मिलकर मम्मी को बेड पर लिटाया और फिर सबा वाशरूम से पानी लेकर आई और मम्मी को उठाने के लिए आगे बढ़ी।

मैंने उसे फौरन रोक दिया, क्योंकि साहिल भाई का मूड यानी मेरा मूड अब अपनी सगी माँ और सगी बड़ी बहन के साथ थ्रीसम का हो चुका था।

मैंने सबा का हाथ पकड़ा और उससे बोला—

मै: ये सब देखकर तू समझ गई होगी कि मेरे और मम्मी के बीच क्या-क्या चल रहा है। और पिछली बार तूने मुझसे कहा था कि मम्मी तुझे भी पसंद है। आज मौका है हम दोनों मिलकर मम्मी को पटाते हैं और फिर एक साथ करेंगे।

सबा: मम्मी बेहोश पड़ी हैं और तुझे चुदाई की पड़ी है।

मै: अभी तू भी मजे ले रही थी उठाते टाइम मम्मी के बूब्स देख रही थी। और बाथरूम में माँ-बेटे की चुदाई के मजे ले रही थी। देख तू झूठ बोल सकती है पर तेरी चूत से बहता हुआ पानी का झरना सब सच बता रहा है।

ये बोलते ही मैंने सबा की चूत पर हाथ रखा और रगड़ते हुए निकाला और उसकी चूत के पानी से भरा हाथ उसे दिखाया—

मै: देख तू कितनी एक्साइटेड है।

मम्मी को लेकर और उसी हाथ को मम्मी की चूत पर रखा और उनका पानी मिलाते हुए उसे फिर सबा की चूत पर लगा दिया।

मम्मी की चूत का पानी सबा की चूत पर मला और उसके कान के पास जाकर कहा—

मै: सोच ये कम्मी डायरेक्टली अपनी चूत से तेरी चूत पर रगड़ रही है।

उसने आँखें बंद कर लीं और फिर वापस निकालकर सबा के मुँह के पास ले गया और सबा के होठों पर उसे मल दिया और खुद भी चाटने लगा।

मैं अपनी जबान से मम्मी और सबा की चूत के पानी को सबा के मुँह के अंदर देने लगा, वो भी मेरी जबान चूसने लगी। सबा इसी में एक्साइटेड हो चुकी थी।

मै: सबा आज मौका है आज हम मम्मी को पटाने की कोशिश करते हैं। फिर तीनों एक साथ हमेशा जब दिल चाहे तब चुदाई करेंगे। फिर कोई डर नहीं जब दिल चाहे तब चुदाई करेंगे मम्मी के सामने भी मम्मी के साथ भी।

फिर तू चाहे तो संध्या को भी बुला लेना अपन उसे भी शामिल कर लेंगे। फिर तू सोच तीन चूत तीन गाँड तेरे लिए तैयार।

सबा: मेरे लिए नहीं तेरे लिए।

मै: चल ठीक है लेकिन मजा कितना आएगा मम्मी चूत डायरेक्ट चूसने में वो तेरी चूत चूसेगी हो सकता है तेरे काम आज ही हो जाएँ?

वो अब मना नहीं कर रही थी।

फिर अचानक बोली—

सबा: प्लान क्या है???

मै: प्लान कुछ नहीं है बस तू कपड़े मत पहनना और मम्मी का सर अपनी गोद में रख। मैं उनके फेस पर पानी डालके उठाता हूँ तू उनका सर दबाना फिर देखेंगे मम्मी का रिएक्शन जैसा होगा उस हिसाब से।

सबा: अगर मम्मी गुस्सा हो गईं तो?

मै: तो अभी प्लान ड्रॉप कर देंगे बाद में देखेंगे।

फिर उसने ऐसा ही किया। मुझे तो मजा आ रहा था लेकिन एक्साइटमेंट के साथ डर भी था और गाँड फट रही थी।

सबा ने मम्मी का सर अपनी नंगी गोद में रखा और मैंने मम्मी के दोनों पैर अलग-अलग करके दो पिलो पर रख दिए और बीच के गैप में आकर मम्मी की चूत के पास लंड करके बैठ गया।

मम्मी के दोनों बूब्स फैले हुए थे और मोटे दिख रहे थे लेकिन बिल्कुल शैगी भी नहीं थे, ऐसा लग रहा था जैसे बह जाएँगे लेकिन टाइटनेस की वजह से थोड़े ताने हुए थे। उधर सबा का चेहरा बिल्कुल लाल हो रहा था, और उसके बूब्स भी बिल्कुल टाइट थे ताने हुए और एसी ऑन होने के बाद भी पसीने में गीले हो रहे थे।

मैं आगे झुका और मम्मी के चेहरे पर पानी चुल्लू में लेकर डाला, फिर दोबारा डाला। मम्मी ने आँखें खोलीं और आँखों के जस्ट सामने मैं लंड लिए हुए चूत के पास था और सबा उनकी बड़ी बेटी उन्हें गोद में सर लिटाए नंगी बैठी थी। मम्मी इससे पहले कुछ बोलतीं, मैंने बोला—

मै: मम्मी मैंने सबा को बता दिया।

इंफैक्ट उसने सब कुछ अपनी आँखों से देखा। मम्मी ने शर्म से आँखें बंद कर लीं। सबा ने मम्मी का चेहरा हाथ में पकड़ा और पास जाके बोली—

सबा: मम्मी आप गिल्ट फील मत करो। मैं भी आपको समझ सकती हूँ आप बहुत अच्छी हो और जो आपने किया वो आपकी जरूरत है आपको भी प्यार चाहिए आपको भी वो प्यार साहिल से मिला और मैं भी साहिल के साथ……

फिर मम्मी ने आँखें खोलीं और बोलीं—

मम्मी: तू सही के साथ क्या???

सबा: बस नॉर्मल सा मम्मी, सेक्स नहीं।

फिर सबा ने मम्मी से बोला—

सबा: मुझे नहीं पता था आप और साहिल चुदाई करते हो।

मम्मी ये सुनके शॉक हो गईं और सीरियसली मैं भी, क्योंकि प्लान तो कुछ भी नहीं था।

ये सब देखते हुए मैंने मम्मी की चूत पर लंड टच कर दिया, और सबा का एक हाथ पकड़के मम्मी के पेट पर रख दिया। फिर सबा बोली—

सबा: मम्मी ये हम तीनों के बीच का राज़ है और हमेशा राज़ रहेगा।

मम्मी ने उठने की कोशिश की और बोलीं—

मम्मी: इस किस्से को यहीं खत्म करो। आज के बाद इसके बारे में कोई बात नहीं करेगा और अब तुम लोग भी अलग-अलग रहोगे।

लेकिन सबा ने उन्हें गोद से और मैंने उन्हें गाँड से उठने नहीं दिया।

सबा: मम्मी जो आप कर रही थीं वो बिल्कुल सही है। आपने कोई गलत काम नहीं किया और आप गुस्सा होने का नाटक मत करो आपको भी मजा आ रहा है।

तभी आप साहिल के लंड को देख रही हो। जैसे ही सबा ने ये कहा मम्मी ने मेरे लंड की तरफ देखा जो बिल्कुल खड़ा था और मम्मी के चूत के पानी में गीला था।

मम्मी को कुछ समझ नहीं आ रहा था क्योंकि वो क्या कहके मना करतीं सबा ने खुद देखा था मम्मी को उनके सगे बेटे का लंड चूसते हुए।

अचानक मम्मी बोलीं—

मम्मी: तू इसके रूम में क्या कर रही थी????

सबा ने मेरी तरफ देखा। मैं तो अब तक खामोश था और बस माँ-बेटी के नंगे बदन को एक साथ निहार रहा था।

मै: मम्मी अब मैं चाहूँ तो आपसे झूठ बोल सकता हूँ, लेकिन जिस तरह आप और मैं इस प्यार के अनोखे रिश्ते में बंधे हैं उसी तरह सबा और मैं भी।

फिर मैंने मम्मी के करीब आगे की तरफ झुका और लंड को मम्मी की चूत पर रखा और बोला—

मै: बस मैंने अभी तक सबा के साथ ये नहीं किया !!!

मम्मी: क्या???

मैंने अपना लंड एक झटके में मम्मी की चूत में घुसा दिया। मम्मी के मुँह से आआह्ह्ह्ह की आवाज निकली और आँखें बंद करके मुँह खोल लिया। तभी सबा ने अपने होठ मम्मी के होठ पर रख दिए और अपना हाथ जो मम्मी के पेट पर था उस हाथ से राइट वाला बूब दबाने लगी।

मम्मी ने आँखें खोलीं और सबा उनके होठ चूसती रही और उँगलियों से निप्पल को मसलते रही। इधर मैं मम्मी की चुदाई शुरू कर चुका था। मम्मी थोड़ा रेसिस्ट कर रही थीं लेकिन बेटे और बेटी ने उन्हें अपने प्यार में रोका हुआ था।

थोड़ी देर बाद ऐसा लगा जैसे मम्मी भी सबा के होठ चूस रही हैं और फिर दोनों अलग हुए और अलग होते मम्मी बोलीं—

मम्मी: मेरे मादरचोद बच्चों थोड़ा रहम करो।

ये सुनते ही मैंने लंड निकाला और जोर से अंदर दोबारा घुसा दिया। अब सबा मम्मी की चूत को अपने हाथों से खोले हुए थी और मम्मी अब भी सबा की गोद में थीं।

सबा आगे झुकी मम्मी की चूत रगड़ने तो सबा के लिए, तो सबा के दुद्दू मम्मी ने बारी-बारी हाथ में पकड़के दबाए, और बोलीं—

मम्मी: जब मैं तेरी एज की थी मेरे भी इतने बड़े बूब्स थे ऐसा ही निप्पल था।

मै: फिर आपको मामू ने चोदा नहीं?

मम्मी मुस्कुराईं पर जवाब नहीं दिया और सबा के बूब्स को मुँह में लेकर चूसने लगीं, और सबा कभी मुझे लिप्स पर डीप किस करती कभी मेरा लंड चूत से निकालके चूसती कभी मम्मी की चूत को रगड़ती और चूत का पानी चाटके फिर दोबारा मुझे किस करके लंड पकड़के चूत में डलवा देती।

उधर मम्मी ने सबा के दोनों दूध चूस-चूसके लाल कर दिए।

मैं मम्मी को झटके दे-देके चोद रहा था और मम्मी सबा के दूध चूस रही थीं और मम्मी के दूध भी हिल रहे थे। फिर सबा ने मुझे लंड बाहर निकालने को बोला। मैंने लंड बाहर निकाला और सबा ने मम्मी को उठाया और खुद लेट गई और मुझे इशारा किया मम्मी की गाँड मारने का।

सबा बेड पर लेट गई और मम्मी से बोली—

सबा: मम्मी आप अपनी चूत मुँह पर रखकर घोड़ी बन जाओ।

मम्मी थोड़ा हिचकिचा रही थीं लेकिन धीरे-धीरे शर्म के सारे तार खुल चुके थे और अब माँ-बेटा-बेटी थ्रीसम में पूरी तरह घुल-मिल गए थे।

मम्मी ने सबा के मुँह पर अपने बेटे के लंड से चुदी हुई गीली चूत रखी। सबा ने मुझसे बोला—

सबा: साहिल तू मेरी चूत चाट।

मैंने सबा के पैर खोले उसकी गीली चूत पर एक जोर से होठों से किस की, फिर जबान से गाँड के छेद से लेकर चूत के ऊपरी हिस्से तक चाटा और चूसने लगा। चूस-चूसके सबा की चूत को लाल कर दिया और सबा मम्मी की चूत चूसने लगी।

मम्मी चूत चटवाते वक्त सबा के मुँह पर हिल रही थीं। इधर मैंने सबा की चूत का पानी अपनी एक उँगली में लिया और मम्मी की चिकनी गाँड के छेद पर लगा दिया। मम्मी ने पीछे से मेरा हाथ रोक दिया।

मैंने फिर से मम्मी की गाँड के छेद पर सहलाना शुरू किया और सबा की चूत के पानी से मम्मी की चूत को लुब्रिकेट कर दिया। कुछ देर ऐसे ही मम्मी की गाँड अपनी उँगली से मारी और सबा की चूत चाट-चाटके गीली कर दी।

सबा की चूत से एक नमकीन सा पानी रह-रह के बह रहा था जिसे मैं जबान से चाट-चाटके बहन का अमृत समझके पी गया और मम्मी गाँड पर भी लगा दिया। और गाँड के छेद को उँगली से चोद-चोदके चिकना कर दिया।

मम्मी भी अब बिल्कुल मूड में आ चुकी थीं और गाँड ऊँची करके उँगली से गाँड मरवा रही थीं। मैं उठा और मम्मी के मुँह के पास गया और अपना लंड चुसवाने लगा और रॉड जैसा खड़ा कर दिया।

फिर मम्मी के पीछे आया और मम्मी की गाँड के छेद को जबान से गीला किया। मम्मी समझ चुकी थीं कि अब क्या होने वाला है, लेकिन उँगली से गाँड मरवाके उन्हें बहुत मजा आया था तो वो उसी मजे का इंतजार कर रही थीं।

मैं अब घुटनों के बल बैठा और मम्मी की गाँड के छेद पर अपने लंड को रख दिया। और सबा को इशारा कर दिया। अब सबा ने मम्मी की चूत चूसना और तेज कर दिया और उनके क्लिटोरिस को दाँतों के बीच में दबाने लगी और जबान से चूत के अंदर तक चोदने लगी और मैंने भी एक जोर का झटका मारके मम्मी की गाँड में लंड घुसा दिया। मम्मी एकदम चिल्ला उठीं—

मम्मी: आआह्ह्ह्ह बाहर निकाल इसे जल्दी।

लेकिन नीचे से उनकी सगी बेटी ने उन्हें दबोच रखा था और ऊपर से सगे बेटे ने गाँड में लंड पेला हुआ था। मैंने एक और झटका मारा और मम्मी की गाँड में आधा लंड घुसा दिया।

अब मम्मी तड़प उठीं पर सबा ने अब अपने हाथों से उन्हें पकड़ लिए और मैंने भी गाँड को जोर से पकड़ लिया। मेरा 9 इंच का लंड अभी भी गाँड के आधा बाहर था।

एसी की ठंडक में चूत का लगाया हुआ पानी सूखने लगा था। मैंने फिर से लंड बाहर निकाला और इस बार सबा का मुँह मम्मी चूत से हटाकर अपने लंड पर कर दिया। सबा मेरा लंड बड़े मजे से चूसने लगी।

फिर मम्मी अचानक उठ गईं और सबा को उठाया और सबा की चूत पर मुँह रखकर घोड़ी बन गईं और सबा मम्मी के चूत के नीचे मुँह करके मेरा लंड चूस रही थी। मैं अब फिर मम्मी के ऊपर चढ़ गया। और अब गाँड पे बहुत सारा थूक लगाया और लंड को एक ही बार में गाँड के आखिरी कोने तक घुसा दिया।

लंड अंदर घुसा और मम्मी की चीख शायद मोहल्ले की आखिरी गली तक पहुँच गई—

मम्मी: आआह्ह्ह मादरचोदोooo !!!!

मैं अब मम्मी की गाँड पर झटके देने लगा और मम्मी की टाइट गाँड मेरे लंड को जकड़े हुए थी। उधर मम्मी अपनी बड़ी बेटी सबा की चूत चाट रही थीं और सबा अब शायद झड़ने वाली थी उसका बदन काँप रहा था।

मम्मी की गाँड को यहाँ मैं गोदाम बनाने में तुला था और झटके पे झटके दे रहा था। मेरा हर झटका मम्मी की गाँड की गहराई में जा रहा था और झटका मम्मी के मुँह से होता हुआ सबा की वर्जिन चूत तक जा रहा था। सबा को मचलता देख मैं भी अब झड़ने वाला था।

मम्मी ने सबा की गाँड उठाई और सबा के दोनों पैर ऊपर आसमान की तरफ कर दिए। सबा की चूत और गाँड के छेद को बारी-बारी चाटने लगीं और जबान से और होठ से चूसने लगीं। ये देखकर आँखों पर यकीन नहीं हो रहा था।

“गजब का सीन था। मेरी बड़ी बहन सबा 69 पोजिशन में हमारी मम्मी की चूत चाट रही है और जबान से चोद रही हैं और मैं उनका बेटा गाँड में लंड डाल रहा हूँ और मेरी माँ मेरी बड़ी बहन की चूत और गाँड के छेद को चूस रही है चाट रही है!!!”

थोड़ी देर में सबा ने मम्मी के मुँह पर अपनी चूत से एक छोटा सा फव्वारा मारा जो बिल्कुल सफेद था और उसके बाद पानी जैसे कलर का बिल्कुल थिक लिक्विड सबा की चूत से बहने लगा, जिसे मेरी मम्मी ने जबान से चाट-चाटके साफ किया।

सबा कपकपी लेकर लेट गई और मचलने लगी और फिर जोर-जोर से हँसने लगी लेकिन मैं और मम्मी अब भी गाँड मराओ अभियान में बिजी थे।

अब मम्मी ने लंड को गाँड से निकाला और बेड की एज (बॉर्डर) पर गाँड ऊपर करके लेट गईं और सबा उनके ऊपर लेट गईं। मम्मी फिर सबा की चूत और गाँड से खेलने लगीं और मैं अब कभी लंड को गाँड में डालता कभी सबा लंड गाँड से निकालके चूत में डाल देती लेकिन मुझे गाँड में मजा आ रहा था।

थोड़ी देर बाद मैं क्लाइमेक्स पर पहुँच गया और मम्मी से पूछा—

मै: मम्मी किधर गाँड में या चूत।

लेकिन मम्मी तो बेटी की चूत में बिजी थीं।

मैं बिल्कुल क्लाइमेक्स पर था मेरा लंड मेरी सगी माँ की गाँड में था और मेरी माँ मेरी बड़ी बहन सबा की चूत और गाँड चाट रही थीं और मेरी बहन मम्मी का सर पकड़कर चूत की तरफ खींच रही थी।

मैं मम्मी की गाँड में झड़ने वाला था। पर मेरा लंड सबा ने मम्मी की गाँड से निकालके उनकी चूत में डाल दिया।

दोस्तो मैंने बहुत टाइम से मुठ नहीं मारी थी। और ये सेक्स बहुत उत्तेजित करने वाला माँ-बेटे और बहन का थ्रीसम था ये सोच-सोचके ही मेरा लंड ज्वालामुखी की तरह लावा उगलने पर उतारू था।

तभी मैंने एक-दो जोर के झटके मम्मी की चूत में दिए, और अपना सारा का सारा गरम-गरम लावा अपनी मम्मी की चूत में ही छोड़ दिया और लंड को घुसाके पूरा एक-एक बूँद अंदर खाली कर दिया।

लंड बाहर निकाला तो सबा फौरन मम्मी की चूत के पास आ गई और मम्मी की चूत चाटने लगी, मैंने मम्मी के मुँह में लंड दे दिया और मम्मी लंड चूसने लगीं।

सबा की जबान पर उसका थूक भी था और मेरे लंड से निकला सफेद माल भी। तभी मम्मी ने भी एक झटका लिया और वो भी झड़ गईं, उनकी चूत से सबा का थूक मेरा माल और मम्मी की चूत का पानी सब एक साथ झरने की तरह बह रहा था और जमीन पर टप-टप टपक रहा था।

फिर हम तीनों एक साथ यूँ ही नंगे लेते रहे और फिर मम्मी बोलीं—

मम्मी: तूने अब तक सबा को क्यों नहीं चोदा?

मै: मम्मी पहले ये मना करती थी फिर मूड हुआ तो मौका नहीं मिला लेकिन अब आप हमारे साथ हो तो अब आप ही चुदवाओ।

मम्मी ने मना कर दिया कि—

मम्मी: नहीं सबा के साथ ये सब मत करना। बस नॉर्मल फोरप्ले तक लिमिटेड रहो वो भी रोज-रोज नहीं।

उस टाइम मैंने कुछ नहीं बोला क्योंकि अभी-अभी झड़ी थी। मैंने सोचा जब मूड होगा तब खुद सबा को घोड़ी बनवाके गाँड मरवाके बदला पूरा करेगी।

उसके बाद हम सब उठे कपड़े पहने और थोड़ी देर बाद मैं सो गया और सब अपने-अपने काम में बिजी हो गए।

अगले कुछ हफ्ते ऐसे ही निकल गए कभी मम्मी की चूत कभी सबा का मुँह कभी मम्मी की गाँड।

नेक्स्ट स्टोरीज में आपको बताऊँगा कैसे मैंने इस थ्रीसम को फोरसम में कन्वर्ट किया और मम्मी के साथ किस-किस चूत और गाँड मारी।

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