Kitchen Me Chudai XXX
मेरा नाम आकाश है। 24 साल का हूं, जिम जाता हूं, और 6 महीने पहले एक कमरे में किराए पर रहने आया। मकान मालिक राजेश था, उसकी वाइफ नेहा। राजेश अक्सर काम से बाहर रहता था, और नेहा… ओह नेहा… एकदम माल थी। 30 साल की, गोरी, 36-28-38 का फिगर। Kitchen Me Chudai XXX
मैं पहले दिन से ही उसे घूरता था। जब वह रसोई में झुकती थी, साड़ी का पल्लू सरक जाता था, और मैं उसकी पीठ और क्लीवेज देखता रहता था। मेरा लंड तन जाता था। वो रात जब सब बदल गया राजेश सिंगापुर गया हुआ था। रात के ग्यारह बजे थे। मैं पानी लेने रसोई में गया। नेहा वहां खाना बना रही थी। उसने पीली साड़ी पहनी थी, ब्लाउज गहरा था।
“नेहा जी, पानी मिलेगा?” मैंने पूछा, मेरी आंखें उसके मम्मों पर टिकी हुई थीं। वह मुड़ी। उसका क्लीवेज साफ दिख रहा था।
“हां ले लो,” उसने कहा।
मैं वहीं खड़ा रहा। जब वह झुकी, उसकी साड़ी का पल्लू सरक गया। मेरा लंड अंडरवियर में तनने लगा। कितनी माल है मालकिन, मैंने सोचा, राजेश कितना बेवकूफ है जो इसे छोड़कर बाहर जाता है। नेहा ने महसूस किया कि मैं उसे घूर रहा हूं।
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उसने पूछा, “आकाश, तुम यहीं खड़े हो या अंदर भी आओगे?”
मेरी हिम्मत बढ़ी। “आपको देख रहा हूं, नेहा जी। आप बहुत खूबसूरत हैं।”
वह मुस्कुराई। “पता है मुझे। तुम्हारी नजरें मेरे बदन पर ही रहती हैं।”
“माफ करना नेहा जी, पर मैं रुक नहीं पाता,” मैंने कहा।
वह मेरे पास आई। “रुकने की कोशिश क्यों करते हो? तुम्हारे मकान मालिक तो मुझे देखते भी नहीं।” वह मेरे सामने खड़ी हो गई। मेरा दिल तेजी से धड़कने लगा।
“क्या चाहते हो?” उसने फुसफुसाते हुए पूछा।
“आपको, नेहा जी,” मैंने कहा, “आपकी चूत को चाटना चाहता हूं। आपके मम्मे दबाना चाहता हूं। आपकी गांड मारना चाहता हूं।”
उसने आंखें बंद कर लीं। “साले किरायेदार, इतनी गंदी बातें कहते हो।”
“सच कह रहा हूं नेहा जी,” मैंने उसका हाथ पकड़ा और अपने लंड पर रख दिया, “देखो, कितना तड़प रहा है तुम्हारे लिए।”
उसने मेरा लंड सहलाया। “बहुत मोटा है तेरा।”
“राजेश साहब से मोटा है?” मैंने पूछा।
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“बहुत ज्यादा,” उसने कहा, “चलो, आज तुम्हारी मकान मालकिन की चूत तुम्हारे हवाले।”
मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। जोर-जोर से चूमने लगा।
“साली मालकिन, कितने दिनों से चाहती थीं यह सब?” मैंने पूछा।
“पहले दिन से जब तू किराए पर आया था,” उसने कहा, “मैंने सोच लिया था कि इस लंड को तो मैं लूंगी ही।”
मैंने उसकी साड़ी एक झटके में खींची। वह नीचे गिर गई। मैंने उसके ब्लाउज के बटन खोले और ब्रा उतार दी। उसके मोटे-मोटे मम्मे बाहर आ गए।
“मादरचोद, क्या मम्मे हैं तुम्हारे,” मैंने कहा और एक मम्मा मुंह में ले लिया, दूसरे को कसकर दबाने लगा।
“आह्ह्ह… और जोर से चूस साले किरायेदार…” वह चीखी, “आज अपनी मकान मालकिन की चूत का पानी निकाल दे।”
मैंने उसे उठाया और अपने कमरे में ले गया। उसे बिस्तर पर पटका और अपने कपड़े उतारे। मेरा लंड 9 इंच लंबा और काफी मोटा था, नसें फूली हुई थीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
“देख रांड,” मैंने अपना लंड हिलाया, “आज इससे तेरी चूत और गांड दोनों का भोसड़ा बनाऊंगा।”
“आजा कमीने,” उसने अपने पैर फैलाए, “आज तेरी मकान मालकिन तेरी रांड बनने को तैयार है।”
मैं बिस्तर पर कूदा और उसके ऊपर आ गया। उसके मुंह पर थूक दिया।
“यह ले, अपने किरायेदार का थूक चाट साली हरामी,” मैंने कहा।
उसने मेरा थूक चाट लिया। “और थूक मेरे मुंह में, साले हरामी। मुझे तेरा सब कुछ चाहिए।”
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मैंने फिर से थूका, इस बार सीधे उसके मुंह में। फिर नीचे गया और उसकी पैंटी खींच कर फाड़ दी।
“यह क्या, आज तो पहले से ही गीली है तेरी चूत?” मैंने कहा।
“तुम्हें देखकर ही पानी छूट गया साले,” उसने कहा, “अब चाट मेरी चूत, जीभ अंदर डाल।”
मैंने उसकी चूत पर अपनी जीभ घुमाई।
“उम्म्म… क्या स्वाद है मालकिन की चूत का…” “चाट साले… और जोर से चाट…” वह चिल्ला रही थी, “आज मेरी चूत का भोसड़ा बना दे।”
“चुप कर रांड,” मैंने उसकी चूत पर थप्पड़ मारा, “जब मैं चाट रहा हूं तो चुपचाप लेटी रह।”
“माफ करो मालिक… पर और जोर से चाटो…” उसने कहा।
मैंने उसकी चूत में दो उंगलियां डाल दीं और तेजी से अंदर-बाहर करने लगा।
“देख कितनी गीली है तेरी चूत, साली राजेश के सामने तो शरीफ बनती है, पर असल में तो एक नंबर की रांड है तू।”
“हां… मैं रांड हूं… तेरी रांड हूं…” वह चीखी, “अब दे अपना लंड… चोद मुझे…”
मैंने अपना लंड उसके मुंह पर रगड़ा। “पहले इसे चूस पूरा… अच्छे से चूस साली कुत्तिया की तरह।”
उसने मेरा लंड मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगी। मैंने उसके सिर को पकड़ा और अपना लंड उसके गले तक ठूंस दिया। “उग्ग्ह्ह… उग्ग्ह्ह…” उसकी आंखें बाहर निकल रही थीं। “यह ले… पूरा अंदर ले… रांड कहीं की…” मैं उसका मुंह चोद रहा था, “तेरे राजेश ने कभी ऐसे चोदा है तुझे?”
“नहीं… वह तो नामर्द है…” उसने लंड बाहर निकालकर कहा, “तू ही असली मर्द है… मेरा मालिक है…”
मैंने उसे घोड़ी बनाया। “आज तेरी गांड मारूंगा साली मालकिन।”
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“हां… मार… फाड़ दे मेरी गांड…” उसने कहा, “आज तेरी मकान मालकिन को अपनी गुलाम बना ले…”
मैंने थूक लगाया और एक जोरदार धक्का मारा। लंड आधा अंदर चला गया।
“बहनचोद… बहुत मोटा है…” वह चीखी।
“चिल्ला मत साली… और अंदर ले…” मैंने दूसरा धक्का मारा। पूरा लंड अंदर।
“माँ… गांड फट गई…” वह रोने लगी।
“रो मत रांड…” मैंने उसके बाल पकड़े और पीछे खींचा, “तेरी गांड बहुत टाइट है… मज़ा आ रहा है…”
फिर मैं पूरी ताकत से धक्के मारने लगा। थप थप थप की आवाज गूंज रही थी।
“कैसा लग रहा है मेरी रांड?” मैंने पूछा।
“बहुत मज़ा आ रहा है… और मार… फाड़ दे…” वह चिल्ला रही थी।
“तेरे राजेश को पता है कि उसकी बीवी मेरे किराए के कमरे में मेरी रांड बन चुकी है?” मैंने पूछा।
“नहीं… उसे पता नहीं…” उसने कहा, “वह बेवकूफ है… उसे लगता है मैं पवित्र हूं… पर मैं तो तेरी हरामी हूं…”
“सही कहा…” मैंने उसे पटक दिया और उसकी चूत में लंड डाल दिया, “अब चूत मारता हूं…”
“हां… चोद… चोद साले… अपनी मकान मालकिन की चूत भोसड़ा बना दे…” वह पागल हो रही थी।
मैंने उसे कसकर पकड़ा और जोर-जोर से धक्के मारने लगा। बिस्तर हिल रहा था। उसकी चूत से पानी निकलने लगा। “Kitchen Me Chudai XXX”
“निकलने वाला हूं…” मैंने कहा।
“मेरे मुंह में निकाल… पी जाऊंगी…” उसने कहा।
मैंने लंड बाहर निकाला और उसके मुंह में ठूंस दिया। जोर-जोर से उसका मुंह चोदने लगा।
“यह ले… पी ले मेरा माल… साली रांड…”
मैंने अपना सारा वीर्य उसके मुंह में छोड़ दिया। उसने सब कुछ पी लिया और लंड चाट-चाट कर साफ कर दिया।
“कैसा था?” मैंने पूछा।
“स्वादिष्ट…” उसने मुस्कुराते हुए कहा, “कल फिर से मारना… आज रात को दो बार और चोद मुझे…”
“तीन बार चोदूंगा साली… तेरी चूत और गांड दोनों का भोसड़ा बनाऊंगा…” मैंने कहा।
कैसी लगी मेरी यह कहानी अपना अनुभव साझा करे..। मिलते हैं अगले भाग में