Sexy Padosan XXX Story
मेरा नाम सम्राट है। मैं नॉएडा के एक अच्छे से मॉडर्न सोसाइटी में रहता हूँ। हमारी सोसाइटी में हर तरफ हरे-भरे गार्डन हैं, बड़े-बड़े फ्लैट्स हैं और शाम को सब लोग घूमने निकलते हैं। लेकिन मेरी नजर हमेशा एक ही जगह पर टिकी रहती थी – पड़ोस वाले फ्लैट में रहने वाली मेरी हॉट भाभी, श्रेयसी। Sexy Padosan XXX Story
हाँ, वो मेरी असली भाभी नहीं थीं, लेकिन मैं उन्हें भाभी ही कहता था क्योंकि वो मेरे बड़े भाई की दोस्त की वाइफ थीं और सोसाइटी में सब उन्हें इसी नाम से पुकारते थे। उनके पति, यानी मेरे भैया, अक्सर बिजनेस के सिलसिले में बाहर रहते थे। मुंबई, बैंगलोर, कभी-कभी विदेश भी। तो घर में श्रेयसी भाभी अकेली रहती थीं।
श्रेयसी भाभी सच में हॉट थीं। उम्र करीब 32 साल, लेकिन बॉडी ऐसी कि कोई भी 20 साल का लड़का भी उन पर फिदा हो जाए। लंबे काले बाल, गोरी चमकती स्किन, भरी-भरी छातियाँ जो हर साड़ी में उभरकर नजर आतीं, पतली कमर और फिर वो गोल-मटोल, निचली गांड जो चलते वक्त लहराती थी।
वो ज्यादातर ट्रांसपेरेंट साड़ी या टाइट ब्लाउज पहनती थीं। गले में हल्की-सी चेन, माथे पर बिंदी और होंठों पर हमेशा हल्की सी मुस्कान। उनकी आँखें ऐसी कि एक नजर में ही दिल पिघल जाए। मैं 24 साल का था, कॉलेज खत्म करके घर पर ही ऑनलाइन काम करता था।
भाभी को देखते ही मेरा मन अजीब सा हो जाता। हर सुबह मैं बालकनी में खड़ा होता तो भाभी अपनी बालकनी में कपड़े सुखातीं। उनकी साड़ी का पल्लू हवा में लहराता, ब्लाउज की कटिंग से उनकी क्लीवेज साफ दिखती। वो मुस्कुराकर “गुड मॉर्निंग सम्राट!” कहतीं।
मैं भी “गुड मॉर्निंग भाभी, आज कितनी खूबसूरत लग रही हो” कहकर चुप हो जाता। वो हँसतीं और कहतीं, “अरे देवर जी, तुम तो रोज-रोज तारीफ करने लगे हो। भैया तो महीने में एक बार भी फोन नहीं करते।” उनकी इस बात में एक हल्की शिकायत छुपी रहती। मैं समझ जाता कि वो अकेलापन महसूस कर रही हैं।
धीरे-धीरे हमारी बातें बढ़ने लगीं। कभी मैं उनके घर जाकर लाइट का स्विच ठीक कर देता, कभी वो मेरे लिए घर का खाना बनाकर भेजतीं। “देवर, अकेला रहते हो, खाना तो ठीक से खाओ।” उनकी आवाज में ममता थी, लेकिन उनकी नजर में कुछ और भी था। एक दिन बिजली चली गई।
पूरा सोसाइटी अंधेरे में डूब गया। मैंने सोचा भाभी डर गई होंगी। उनके फ्लैट का दरवाजा खटखटाया। “भाभी, मैं सम्राट हूँ। ठीक हो?” दरवाजा खुला। भाभी ने एक हल्की सी नाइट गाउन पहनी थी – सफेद, लगभग ट्रांसपेरेंट। अंदर ब्रा और पैंटी की हल्की आउटलाइन दिख रही थी।
उनके बाल खुले थे, चेहरा थोड़ा पसीने से चमक रहा था। “आ जा देवर, अकेली बहुत डर लग रहा था।” उन्होंने मुझे अंदर बुलाया। कमरे में मोमबत्ती जल रही थी। हल्की रोशनी में उनकी छातियाँ और भी आकर्षक लग रही थीं। हम दोनों सोफे पर बैठ गए। बातें शुरू हुईं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
भाभी ने बताया कि भैया कितने दिनों से बाहर हैं, घर का काम, अकेलापन। “सम्राट, तुम हो तो अच्छा लगता है। तुम्हारे बिना तो बोर हो जाती हूँ।” उनकी बातें सुनते-सुनते मेरा लंड खड़ा होने लगा। मैंने खुद को कंट्रोल किया। लेकिन भाभी ने मेरी गोद में अपना हाथ रख दिया।
“देवर जी, तुमसे मेरी कोई शिकायत तो नहीं?” उनकी उँगलियाँ मेरी जाँघ पर धीरे-धीरे घूम रही थीं। मैंने हिम्मत करके उनका हाथ पकड़ लिया और बोला, “भाभी, आप इतनी हॉट हो कि कोई भी कंट्रोल नहीं कर सकता।” वो मुस्कुराईं, नजरें झुका लीं, लेकिन हाथ नहीं हटाया। उल्टा मेरे करीब सरक आईं।
उनकी साँस मेरे गाल पर पड़ रही थी। फिर जो हुआ, वो मेरे सपनों से भी बेहतर था। भाभी ने धीरे से मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए। नरम, गर्म, मीठे। मैंने उनका जवाब दिया। हम दोनों किस करते रहे। मेरे हाथ उनकी पीठ पर फिरने लगे। उनकी नाइट गाउन के ऊपर से उनकी कमर को सहलाया।
भाभी ने आह भरी, “सम्राट… देवर… तुम्हें बहुत दिन से चाहती थी।” उनकी आवाज में प्यास थी। मैंने उन्हें गोद में उठा लिया और बेडरूम की तरफ ले गया। मोमबत्ती की रोशनी में उनका शरीर और भी खूबसूरत लग रहा था। मैंने उनकी नाइट गाउन उतार दी। अंदर सिर्फ काली लेस वाली ब्रा और पैंटी थी। “Sexy Padosan XXX Story”
उनकी बड़ी-बड़ी छातियाँ ब्रा से बाहर निकलने को बेताब थीं। मैंने ब्रा का हुक खोला। दोनों स्तन बाहर आ गए – गोल, भारी, गुलाबी चूचियाँ ऊपर उठी हुईं। मैंने एक चूची मुंह में ले ली और चूसने लगा। भाभी ने मेरे बाल पकड़े और सिसकारी भरी, “आह… देवर… बहुत अच्छा लग रहा है… चूसो और जोर से
दूसरी छाती को मैं हाथ से दबाता रहा। उनकी चूत से गीलेपन की महक आने लगी। मैंने नीचे झुककर उनकी पैंटी भी उतार दी। उनकी चूत साफ, गुलाबी और पूरी तरह भीगी हुई थी। मैंने अपनी जीभ से उनकी चूत को चाटना शुरू किया। भाभी कमर उठा-उठाकर कराह रही थीं, “सम्राट… तुम्हारी जीभ जादू कर रही है… अंदर डालो… हाँ… यही… मेरा पानी निकल जाएगा।”
मैंने उनकी चूत को चाटते-चाटते दो उँगलियाँ अंदर डाल दीं। भाभी झूम उठीं। कुछ ही देर में उनका पहला ऑर्गेज्म आ गया। वो जोर से चीखीं, “आहह… देवर… मैं आ गई…!” उनका पूरा शरीर काँप रहा था। अब मेरी बारी थी। मैंने अपनी शर्ट और पैंट उतार दी। मेरा लंड पूरा खड़ा, 7 इंच लंबा और मोटा, नसों से फटा पड़ा था।
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भाभी ने उसे देखा और आँखें चमक उठीं। “वाह देवर… कितना सुंदर और बड़ा लंड है तुम्हारा। भैया का तो इससे आधा भी नहीं।” उन्होंने हाथ से पकड़कर सहलाना शुरू किया। फिर मुंह में ले लिया। गर्म, नम मुंह। वो ऊपर-नीचे मुंह चला रही थीं, कभी लिंग का सिर चूसतीं, कभी पूरी लंबाई गले तक ले जातीं। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
मैंने उनके बाल पकड़े और धीरे-धीरे मुंह में ठोका। भाभी की आँखों में प्यास थी। कुछ देर बाद मैंने उन्हें बेड पर लिटाया। उनके पैर फैलाए और अपना लंड उनकी चूत पर रखा। धीरे-धीरे अंदर डाला। भाभी की चूत बहुत टाइट और गर्म थी। “आह… देवर… पूरा डाल दो… भर दो मेरी चूत को।”
मैंने पूरा लंड एक झटके में अंदर कर दिया। भाभी ने अपनी टांगें मेरी कमर पर लपेट लीं। हम दोनों एक ताल में हिलने लगे। कमरे में चप-चप की आवाज और उनकी सिसकारियाँ गूँज रही थीं। “हाँ देवर… जोर से… चोदो अपनी भाभी को… तुम्हारा लंड मेरी चूत में कितना अच्छा लग रहा है।”
हमने काफी देर तक चुदाई की। मैंने कई पोजिशन बदले – कभी वो ऊपर, कभी डॉगी स्टाइल। हर बार भाभी का मज़ा दोगुना हो रहा था। आखिर में मैंने उनकी चूत में ही अपना माल छोड़ दिया। भाभी ने मुझे जकड़ लिया, “देवर… तुमने मुझे स्वर्ग पहुँचा दिया।”
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। अगले कुछ दिन हम दोनों रोज मिलते। कभी मेरे फ्लैट में, कभी उनके। एक शाम भाभी ने मुझे कॉल किया, “देवर, आज भैया लंबे टाइम के लिए बाहर गए हैं। आओ, आज कुछ नया ट्राई करते हैं।” मैं गया। भाभी ने ब्लैक ट्रांसपेरेंट नाईटी पहनी थी।
उनके होंठों पर लाल लिपस्टिक। उन्होंने मुझे वाइन पिलाई और खुद मेरी गोद में बैठ गईं। किसिंग के दौरान उन्होंने कान में फुसफुसाया, “देवर… आज मेरी गांड भी मार दो। मैं बहुत दिनों से सोच रही हूँ। तुम्हारा लंड मेरी गांड में डालकर मुझे चोदो।”
उनकी यह बात सुनकर मेरा लंड लोहे जैसा हो गया। मैंने उन्हें प्यार से बेड पर लिटाया। उनके गोल-मटोल गांड को हाथों से सहलाया। बहुत नरम, गर्म और लचीली। मैंने लिंग पर थोड़ा ऑयल लगाया (जो उन्होंने पहले से तैयार रखा था) और उनकी गांड के छेद पर रगड़ा। “Sexy Padosan XXX Story”
भाभी ने अपनी गांड ऊपर उठाई और बोली, “धीरे से देवर… लेकिन पूरा डाल देना। मैं तैयार हूँ।” मैंने धीरे-धीरे अपना लंड उनकी गांड में डाला। बहुत टाइट था, लेकिन भाभी की चीख नहीं निकली। उल्टा वो मजे से कराह रही थीं, “आह… हाँ… भर रही है मेरी गांड… तुम्हारा मोटा लंड… बहुत मज़ा आ रहा है।”
मैंने पूरा लंड अंदर कर दिया। फिर धीरे-धीरे पंपिंग शुरू की। भाभी की गांड मेरे हर थ्रस्ट पर हिल रही थी। उनकी छातियाँ बेड पर दब रही थीं। मैंने आगे हाथ बढ़ाकर उनकी चूत को भी उँगलियों से सहलाना शुरू किया। “देवर… तेज… तेज चोदो मेरी गांड… हाँ… यही… मुझे लग रहा है जैसे स्वर्ग में हूँ।”
उनकी आवाज में प्यार और प्यास दोनों थी। मैंने स्पीड बढ़ाई। उनकी गांड मेरे लंड को चूस रही थी। हम दोनों एक साथ कराह रहे थे। भाभी ने कई बार ऑर्गेज्म किया। आखिर में मैंने भी उनकी गांड के अंदर ही अपना गर्म माल छोड़ दिया। भाभी ने मुड़कर मुझे किस किया, “देवर… तुमने आज मेरी हर इच्छा पूरी कर दी। तुम्हारी भाभी अब सिर्फ तुम्हारी है।”
उसके बाद हमारा ये रिलेशन और गहरा हो गया। हर हफ्ते नए-नए तरीके से हम एक-दूसरे को खुश करते। कभी बालकनी में खड़े-खड़े, कभी बाथरूम में शावर के नीचे। भाभी की गांड अब मेरे लंड की दीवानी हो चुकी थी। वो खुद कहतीं, “देवर, आज मेरी गांड मार दो, बिना इस के मज़ा नहीं आता।”
उनकी छातियाँ, चूत और गांड – सब मेरे लिए थीं। एक दिन शाम को हम दोनों बालकनी में खड़े थे। सूरज ढल रहा था। भाभी ने मेरी कमर में हाथ डाला और कहा, “देवर, तुम्हारे बिना ये पड़ोस सूना लगता है। तुम हमेशा मेरे पास रहो।” मैंने उन्हें गले लगाया। उनकी गर्म साँस मेरे सीने पर पड़ रही थी। ये कहानी आप क्रेजी सेक्स स्टोरी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है.
हम दोनों जानते थे कि ये रिश्ता सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि दिल से भी जुड़ चुका है। रात हुई। हम फिर बेडरूम में थे। भाभी ने इस बार खुद अपनी गांड उठाकर मेरे लंड पर बैठने की कोशिश की। वो ऊपर-नीचे हो रही थीं। उनकी बड़ी गांड मेरे लंड पर उछल रही थी।
“आह देवर… तुम्हारा लंड मेरी गांड में कितना परफेक्ट फिट होता है।” मैंने उनकी छातियाँ दबाते हुए नीचे से ठोका। कमरा उनके मजे भरी चीखों से भर गया। “हाँ… और जोर से… मेरी गांड फाड़ दो… लेकिन प्यार से… हाँ… यही… मैं फिर आ गई…!” हम दोनों थककर एक-दूसरे में समा गए। भाभी मेरे सीने पर सिर रखे लेटी थीं। उनके हाथ मेरे लंड को हल्के-हल्के सहला रहे थे। “देवर, तुमने मुझे नई जिंदगी दी है। अब मैं हर रात यही चाहती हूँ।”