मेरी माँ दूधवाले से चुद गई 1

Maa ki dudh wale se chudai kahani:- यह कहानी रोहन शर्मा की है। 18 साल का रोहन अपनी 45 साल की माँ रेणुका के बारे में बता रहा है। माँ संस्कारी हैं लेकिन ठंड के दिनों में कुएँ के पास नंगी नहाती हैं। दूधवाला रानक माँ को नंगा देख लेता है और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता है।

हाय, मेरा नाम रोहन शर्मा है और मैं 18 साल का हूँ। मैं रेगुलरली इस वेबसाईट की कहानियाँ पढ़ा करता हूँ। ये कहानी मेरी माँ के बारे में है तो अब मैं मेरी माँ की डिस्क्रिप्शन देता हूँ।

Maa ki dudh wale se chudai hindi sex kahani

माँ का नाम रेणुका है और उम्र 45 साल, हाइट 5’2”, फिगर 36-30-38। मेरी माँ एक बहुत ही संस्कारी औरत हैं लेकिन जैसे कि आप सब जानते ही हैं कि औरतें कितनी भी सुशील और संस्कारी क्यों न हों, थोड़ी बहुत सेक्स की चाहत तो रहेगी ही। ये ह्यूमन नेचर है।

तो मैं अपने पेरेंट्स का इकलौता बेटा हूँ और मेरे पापा एक छोटे-मोटे बिजनेसमैन हैं तो उन्हें काफी भाग-दौड़ करते रहना पड़ता है कई दिनों के लिए। तो अब स्टोरी पर आते हैं।

हमारा अपना ही घर है और बहुत बड़ी जमीन है और एक मीडियम साइज का घर है और चारों तरफ ऊँची बाउंड्री वॉल है। और मेरी माँ ठंड के दिनों में धूप में कुएँ के पास नहाती हैं पूरी नंगी होकर। पहले तेल मालिश करती हैं अपने पूरे बदन में और फिर नहाके कपड़े पहनकर घर आ जाती हैं और घर में मैं ही होता हूँ।

तो वो नंगा होकर नहाने में ज्यादा शरमाती नहीं हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वो मेरे सामने बिना कपड़ों के घूमती रहती हैं। वो अच्छी तरह से कपड़े पहनी हुई होती हैं घर में। और मुझे मेरी माँ को बिना कपड़ों के देखने को बहुत अच्छा लगता है। माँ के बड़े-बड़े बूब्स, घने बालों वाली चूत, अच्छे शेप की गाँड—बड़ा मजा आता है लेकिन देखने के लिए बस एक ही टाइम मिलता है जब वो नहाने जाती हैं।

तो एक दिन माँ जब नहाने गईं तो मैं चुपचाप देखने लगा। और माँ पहले अपनी साड़ी खोलकर साइड में रख दीं और फिर अपनी ब्लाउज और पेटीकोट खोलकर साइड में रख दिया तो उनकी गाँड और घने बालों वाली चूत साफ दिख रही थी और बूब्स ब्रा के अंदर कैद थे। और फिर माँ ने ब्रा खोलकर अपने बूब्स को आजाद किया और बैठ गईं और तेल लेकर पूरे बदन में लगाने लगीं और बूब्स को धीरे-धीरे दबाने लगीं। और तभी हमारा दूधवाला लड़का आ गया।

उसकी उम्र करीब 20-21 साल होगी और उसका नाम है रानक। और वैसे तो वो सुबह को आता है लेकिन उस दिन देर से आया। उसने घर के सामने किसी को नहीं देखा तो सीधे घर के साइड से अंदर की तरफ चला गया। और वैसे उसे बाहर हमलोग नहीं रहने से अंदर की तरफ आने को कहा गया था। तो जैसे ही मैंने उसे देखा दौड़के एक धक्का मारके अच्छे से मजाक करके कहा—

मैं: अबे अंदर कहाँ जा रहा है? आ रहा हूँ ना मैं।

लेकिन तब तक उसने माँ को नंगा नहाते हुए देख लिया था। लेकिन मैं उसे बाहर खींचके ले आया तो वो और कुछ नहीं देख पाया और माँ को कुछ भी पता नहीं चला। वो लड़का मेरा दोस्त जैसा था और हमारे घर काफी आता-जाता रहता था तो वो मुझे कहने लगा—

रानक: ओये क्या फिगर है तेरी माँ की यार। थोड़ा देखने देना प्लीज।

मैं: नहीं यार माँ को पता चल जाएगा। तू तो देख ही नहीं पाएगा। मैं जो देख सकता था वो चांस भी हाथ से चला जाएगा।

तो वो समझा और मान गया। और फिर हम दोनों बातें करने लगे और थोड़ी देर बाद वो चला गया। फिर माँ आईं तो मैंने बोला कि दूधवाला आया था और दूध देके गया है। तो फिर माँ घर के काम में लग गईं।

अगले दिन मुझे कॉलेज जाना था। छुट्टियों के बाद क्लास स्टार्ट होने वाली थी तो मैं सुबह 9 बजे रेडी होकर कॉलेज के लिए निकल गया। और रास्ते में रानक से मिला। वो फील्ड में बच्चों के साथ पतंग उड़ा रहा था तो मैंने पूछा—

मैं: क्या हुआ आज दूध देने नहीं गया?

रानक: ठंड के दिन हैं ना। सुबह-सुबह जाने को अच्छा नहीं लगता।

मैं: हाँ यार बहुत ठंड है। कॉलेज जाने को भी मन नहीं हो रहा लेकिन जाना पड़ेगा।

फिर मैं चला गया लेकिन थोड़ी देर बाद मुझे याद आया कि शायद ये रानक का कोई चालाकी है मेरी माँ को नंगा देखने की। क्योंकि मैं घर पे नहीं रहूँगा और मैं 3:30 से पहले घर नहीं आऊँगा।

तो फिर मैंने कॉलेज जाना कैंसल किया और थोड़ी देर इधर-उधर टाइम पास करके चुपचाप घर में आकर मेरे रूम में बिस्तर छुप गया। 11 बजने वाले थे तो माँ ने बाहर का मेन गेट बंद करके नहाने चली गईं। और 11:10 को रानक हमारे बाउंड्री वॉल के ऊपर से आया और छुपके माँ को देखने लगा। तो माँ ने 3 गमले में पानी भर लिया और कपड़े उतारना शुरू किया। और पहले साड़ी निकाली फिर ब्लाउज फिर पेटीकोट भी निकाल लिया। और अब माँ सिर्फ ब्रा पहने हुई थीं क्योंकि वो घर पे पैंटी नहीं पहनतीं। फिर माँ ने ब्रा खोलकर बैठ गईं और तेल मालिश करने लगीं। और मैं देख रहा था कि रानक माँ को देख रहा था। और फिर मैंने सोचा कि ‘देखने देते हैं उसे भी। मिलके मजे करते हैं’ तो मैंने कुछ नहीं किया। और फिर उसने अपना फोन निकाला और सब कुछ वीडियो रिकॉर्ड करने लगा। तो मैं जानना चाहता था कि वो क्या करना चाहता है। फिर मैं माँ को देखने लगा और वो अपने बूब्स पे तेल डालकर मालिश कर रही थीं।

और उसके बाद अपने जाँघों पर और अपने पूरे पैरों पर तेल डालकर मालिश करने लगीं। और अपने पूरे बदन में तेल लगाने की वजह से माँ चमक रही थीं। माँ को देखके मेरा लंड खड़ा हो गया। और फिर माँ ने नहाना शुरू किया और वो बड़े आराम से नहा रही थीं क्योंकि उन्हें पता था आज घर पे कोई नहीं है। लेकिन उन्हें ये पता नहीं था कि आज घर पे दो लड़के उन्हें देख रहे हैं। तो माँ आधे घंटे तक नहाईं और अपने बदन को टॉवल से पोंछकर 15 मिनट तक बिना कपड़ों के धूप में बैठी रहीं। और माँ उस दिन पहनने के लिए कपड़े भी नहीं लेके गई थीं। तो माँ बिना कपड़ों के ही घर पे आने लगीं। और माँ की हिलते हुए पूरे बॉडी को देख मेरा पानी निकल गया। और उनके बूब्स आपस में टकराते हुए काफी हिल रहे थे और पेट थोड़ा निकला हुआ था और चूत पे घने बाल चूत को ढके हुए थे और गाँड तो ऐसे हिल रही थी जैसे कोई उसपे जोर-जोर से थप्पड़ मार रहा हो।

फिर माँ घर पे आकर कपड़े पहनने लगीं। और इतने में रानक चुपचाप घर से बाहर निकल गया। और थोड़ी ही देर में दूध लाके बाहर के दरवाजे पर नॉक कर रहा था। माँ ने जाके दरवाजा खोला तो वो अंदर आ गया। और माँ दूध रखने अंदर गईं और रानक बाहर खड़ा था। और फिर माँ आईं तो देखा कि वो बाहर नंगा खड़ा था।

माँ: रानक तुम्हें शर्म नहीं आती? क्या कर रहे हो? जल्दी अपने कपड़े पहनो और घर जाओ।

रानक: आंटी आप तो अभी भी कितनी जवान हैं। आपको तो ये सब पकड़ने और देखने का मन करता होगा। थोड़ी सी मजे करने दीजिए।

माँ बड़ी गुस्सा हो गईं और कहाँ—

माँ: तुम जाते हो या मैं तुम्हारे घर वालों को बताऊँ ये सब?

रानक: आंटी मान जाइए ना। आपको भी मजा आएगा मुझे भी मजा आएगा। और अगर आप नहीं मानीं तो मेरे पास कुछ है जिससे आप मान ही जाएँगी।

माँ थोड़ी डर गईं। और फिर उसने माँ को वो रिकॉर्ड किया हुआ वीडियो दिखाया।

और बोला—

रानक: देखिए आंटी ये वीडियो मैं यहाँ के बच्चों को और लड़कों को दिखाऊँगा तो वो लोग कितने खुश हो जाएँगे।

माँ डर गईं और रोने लगीं—

माँ: बेटा क्यों किया तूने ऐसा? मत दिखा ये वीडियो किसी को। सब मुझ पर हँसेंगे और मैं तो घर से बाहर नहीं निकल पाऊँगी। चल बेटा तू जो कहेगा मैं करती हूँ।

माँ को भी पता चल गया था और कोई तरीका नहीं है बचने का। तो मैं ये सब अंदर से सुन रहा था और बड़ा खुश हो गया क्योंकि माँ को नंगा देखना ही कितना मुश्किल है। आज सेक्स करते हुए देखने वाला था।

फिर रानक ने माँ को कहा—

रानक: आंटी आपकी मैं तेल मालिश करना चाहता हूँ। जहाँ आप नहाती हैं खुले में वहाँ।

और ये कहके उसने माँ की साड़ी उतार दी। ब्लाउज और पेटीकोट निकाल दिया। और माँ ने घर पे रहने की वजह से कोई अंडरगारमेंट्स नहीं पहनी थीं तो वो पूरी नंगी हो गईं। रानक माँ को पास से नंगा देखके पागल हुए जा रहा था। और रानक भी नंगा था। और माँ उसे देखकर भी थोड़ी शरमा रही थीं और गरम भी हुई जा रही थीं।

रानक ने एक खाटिया लेके कुएँ के पास रख दिया और माँ को गोद में उठाके लेके खाटिए पे बैठा दिया। और फिर वो माँ की पूरी बॉडी पे काफी सारा तेल डाला और मालिश करने लगा। पूरे बॉडी पे मालिश करने के बाद वो खासकर बूब्स और चूत पे मालिश करने लगा। और फिर उसने माँ उल्टा लिटा दिया और माँ की गाँड पे मालिश किया और जाँघों को ऐसे मसल रहा था। और लग रहा था कि वो खा जाएगा माँ को। ये सब हरकतों से अब माँ भी काफी गरम हो चुकी थीं और सिसकियाँ ले रही थीं।

दूसरी तरफ मैं घर के अंदर से बड़ा मिस कर रहा था ये सब। और फिर भी पहली बार ये सब देखके काफी खुश था। फिर रानक ने माँ की चूत चाटना शुरू किया तो माँ ने कहा—

माँ: ये क्या कर रहे हो? तुम्हें गंदा नहीं लगता?

रानक: इसे चाटने से जो मजा आता है उसके सामने थोड़ी बहुत गंदा लगना कोई बड़ी बात नहीं। आप भी मेरा लंड चाटके देखना। बड़ा मजा आएगा।

और फिर उसने 4-5 मिनट तक माँ की चूत को चाटा और बूब्स दबाने लगा।

और माँ के इतने बड़े-बड़े बूब्स को दबाने में उसे बड़ा मजा आ रहा था। और उसने निप्पल्स को दाँत से धीरे-धीरे काटने लगा। फिर से वो माँ की चूत को चाटने लगा और उँगली डालने लगा। और पहले एक उँगली डाला और फिर दो उँगली डालकर फिंगरिंग करने लगा। और अब माँ को इतना मजा आ रहा था कि वो काँपने लगीं। फिर रानक ने माँ को अपना लंड चूसने कहा और माँ ने मना कर दिया तो उसने माँ की चूत में तीन उँगली डालकर फिंगरिंग करने लगा। और माँ काँपते-काँपते झड़ गईं।

फिर माँ इतनी जोश में आ गईं कि झट से उसके लंड को पकड़के मुँह में डाला और एक रंडी के तरह चूसने लगीं। माँ की ये हरकत देखकर मैं दंग रह गया क्योंकि मेरी माँ जैसी इतनी अच्छी औरत अगर इस तरह पागल होते देखके तो कोई भी सरप्राइज हो जाएगा। माँ ने करीब 25 मिनट तक रानक का लंड चूसने की वजह से वो और रोक नहीं पाया और माँ के मुँह में ही झड़ गया। और माँ को उसका स्पर्म काफी अच्छा लगा तो वो पूरा पी गईं।

और फिर माँ ने कहा—

माँ: रानक जल्दी अपने लंड को मेरी चूत में डालो। मुझसे और रहा नहीं जा रहा।

रानक: आंटी आप तो कह रही थीं आपको किसी और के साथ सेक्स नहीं करना। तो अब क्या हुआ? चुदाई के लिए तो आप पागल हो रही हैं।

माँ: बेटा कई साल हो गए सेक्स नहीं किया अपने पति के साथ। और तूने इतना अच्छा मसाज किया कि मुझसे और रहा नहीं जा रहा। जल्दी डाल अपने केले को। मुझसे और रहा नहीं जा रहा। जल्दी… आाह्ह्ह हम्मम…

फिर रानक को भी जोश आ गया और उसने अपना लंड को जोर से माँ की चूत में धक्का मारा। और उसका लंड सीधा अंदर घुस गया। और माँ भी मुँह से आवाजें देने लगीं—

माँ: आाह्हा आाह मजा आ गया हम्मम उम्मम आाह्ह्ह जोर से धक्का मार… उम्मम ह्ह हाआआ…

रानक पूरी जोर से माँ को चोदे जा रहा था। और अब उसने माँ को घोड़ी बनाया और फिर से अपना लंड माँ की चूत में घुसा दिया। और माँ को भी बड़ा मजा आ रहा था।

माँ अपने लंड को पीछे रानक के लंड के तरफ धकेल रही थीं। और इस वजह से रानक को भी अच्छा लगा और वो माँ को और जोर से चोदने लगा। और वहाँ जैसे एक आवाज गूंजने लगी— थप थप थप थप थप थप थप। और कुछ देर बाद उसने माँ को गोद में उठा लिया और माँ को चोदने लगा। 5 मिनट ऐसे चोदने के बाद माँ झड़ गईं। और ऐसे ही कुछ देर चोदने के बाद वो खाटिए पे सो गया और माँ को उसके लंड पे बैठने कहा तो माँ उसके लंड पे बैठकर चुदवाने लगीं अपनी चूत को। माँ उसके लंड पे कूद रही थीं तो माँ के बड़े-बड़े बूब्स काफी हिलने लगे। और अब रानक से और रहा नहीं गया और उसने माँ को नीचे बैठने कहा और माँ के मुँह पे झड़ गया।

ऐसे ही करीब 2 घंटे सेक्स करने के बाद दोनों थक गए थे तो खाटिए पे खुले आसमान के नीचे सो गए बिना कपड़ों के। और अब तक 3:30 बज चुके थे। और आधा घंटा ऐसे ही रहने के बाद कुएँ से पानी निकालकर दोनों एक-दूसरे पे पानी डालने लगे।

और रानक ने माँ के बूब्स को मसल-मसल के धोया। चूत को उँगली डाल-डालकर साफ कर दिया। गाँड और जाँघों को बहुत मसल-मसल कर धो दिया। तो माँ ने भी उसके लंड को हिला-हिलाकर चाट-चाट के साफ कर दिया। और दोनों ने एक साथ लिपटकर नहाया और टॉवल से एक-दूसरे की बॉडी को सुखा दिया। और फिर से रानक ने माँ को गोद में उठाकर घर ले आया।

माँ: बेटा तूने मुझे आज बहुत सुख दिया। मैं तेरे साथ फिर से सेक्स करना चाहती हूँ। मैं तुझे फिरसे बुलाऊँगी लेकिन तू ये सब किसी को मत कहना।

इतने में मैं चुपचाप वॉल के ऊपर से बाहर चला गया। और थोड़ी देर बाद दरवाजा खट-खटाया तो माँ आकर दरवाजा खोलीं। और माँ को कुछ पता भी नहीं चला कि मैं घर पे ही था। और फिर मैंने घर के अंदर जाके देखा तो सब कुछ अपने-अपने जगह पे था लेकिन कुएँ के पास काफी सारा पानी गिरा हुआ था।

लेकिन मैंने माँ से कुछ नहीं कहा क्योंकि मुझे इतने टाइम में जो दिखा उसके लिए मैं काफी खुश था।

उस दिन के बाद मेरी माँ रेणुका और दूधवाला रानक सेक्सुअली काफी क्लोज हो गए थे। और उस दिन के बाद जब भी चांस मिलता रानक माँ को चोद लेता था और माँ को भी बड़ा सुकून मिलता। और हर दिन जब रानक दूध देने आता तो कम से कम माँ के बूब्स को दबाके और थोड़ा माँ की चूत पे उँगली करके ही जाता था। और माँ भी उसका लंड हिलाकर पानी निकालके ही छोड़ती थीं। और ज्यादातर टाइम मैं छुपके ये सब देखता।

और अपने लंड को शांत कर लेता। एक दिन मैं फील्ड में रानक से मिला तो उसे कहा—

मैं: भाई क्या चोद रहा है मेरी माँ को? कैसा लग रहा है?

तो वो चौंक गया और कहा—

रानक: अबे तुझे कैसे पता?

मैं: मैं छुपके सब कुछ देखता हूँ।

रानक: मानना पड़ेगा तू बहुत बड़ा कमीना है। और वैसे ये तो सही है कि बहुत कम औरत होती है तेरी माँ जैसी। तेरी माँ बहुत अच्छी औरत है और चुदती भी बहुत अच्छी है।

मैं: अरे तूने तो बहुत मजे कर लिए। अब मेरी भी एंट्री करवा दे।

रानक: ठीक है यार करवा दूँगा। और वैसे तुझे बुरा नहीं लगता तेरी माँ बाहर के एक लड़के से ऐसे चुदती है?

मैं: माँ को इतनी खुजली है चुदवाने के लिए और तू चोदता है तो मुझे क्यों बुरा लगेगा। और मैं तो माँ खुद को चोदना चाहता हूँ और मोहल्ले के हर किसी से चुदवाना चाहता हूँ।

फिर मैं घर चला आया। और फिर दो दिन बाद एक दिन रानक माँ को चोदने आया।

सुबह 10 बज रहे थे और माँ को पहले से पता था तो माँ चुदने के लिए रेडी थीं। तो रानक आया और माँ के कपड़े उतारने लगा। और फिर दोनों ने मिलकर 2 घंटे तक सेक्स किया। और माँ नंगा होकर सोई रहीं और रानक चला गया। और रानक घर से बाहर आकर मुझे कहा—

रानक: 20 मिनट के बाद अंदर जा। तेरी रंडी माँ अंदर नंगी सो रही है।

वैसे ये प्लान के बारे में माँ को कुछ भी पता नहीं चला। तो मैं 30 मिनट के बाद अंदर गया तो देखा माँ नंगी सो रही थीं लेकिन नींद में थीं। तो माँ को कुछ भी पता नहीं चला। और मैं बेड पे जाके माँ के पास बैठ गया। और माँ की नंगी बॉडी इतनी पास से देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया। और मैं उँगली माँ की चूत के अंदर डाला तो समझ आया कि चूत पूरी गीली थी। माँ की चूत और पेट पे रानक ने माल गिरा दिया था। और 5 मिनट उँगली करने के बाद माँ की चूत से थोड़ा-थोड़ा पानी निकलने लगा। और माँ जाग गईं और मुझे डाँटने वाली थीं लेकिन चुप हो गईं क्योंकि माँ नंगी सोई हुई थीं।

और बॉडी पे स्पर्म गिरा हुआ था तो किसी को भी पता चल जाता कि माँ ने थोड़ी ही देर पहले सेक्स किया है। फिर माँ शर्म से मेरे साथ आँख से आँख नहीं मिला पा रही थीं। और झट से बेड से उठकर नंगी ही दूसरी रूम में चली गईं और दरवाजा लगा दिया। और बहुत टाइम तक बाहर नहीं आईं। तो मैं नहाने चला गया। और तब माँ रूम से बाहर आईं और रानक को फोन किया—

माँ: रानक तुझे पता है आज रोहन ने मुझे नंगी सोते हुए देख लिया और समझ गया कि मैंने किसी के साथ सेक्स किया है। मैं उसके सामने नहीं जा पा रही हूँ। तू उसे थोड़ा समझा दे ताकि वो कुछ बुरा न माने।

रानक: अरे आंटी उसे सब सच बता दो और उसे भी हमारे साथ सेक्स करने में शामिल कर लो। वैसे भी वो तुम्हें चुदवाना चाहता है अपने दोस्तों से।

माँ: क्या बोल रहा है तू? वो मेरा बेटा है। उसके साथ सेक्स करने में मुझे बहुत गलत फील होगा।

रानक: तो तुम ही समझाओ उसे। मैं कुछ भी नहीं कर सकता।

माँ को और कोई रास्ता नहीं मिला तो वो मान गईं लेकिन बहुत टेंशन में आ गईं। मैं नहाके आया तो देखा कि माँ नंगी ही इधर से उधर टहल रही थीं और बड़ी टेंशन में थीं। तो मैं पास गया तो शरमाते हुए कहाँ—

माँ: रोहन तुम समझने की कोशिश करो प्लीज। रानक ने मुझे पहले ब्लैकमेल किया था सेक्स करने के लिए लेकिन उस दिन के बाद मुझे भी बहुत मजा आने लगा तो हमलोग आगे भी सेक्स करने लगे। तुम मुझे गलत मत समझो।

फिर मैंने कहा—

मैं: माँ कोई बात नहीं। तुम इतनी घबरा क्यों रही हो। तुम तो अपने आपको खुश रख रही हो। इसमें गलत क्या है? लेकिन मैं भी तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहता हूँ। प्लीज मुझे भी करने दो ना।

माँ खुश हो गईं और कहीं—

माँ: तुम बहुत समझदार हो और चूतिया भी।

मैं: वो तो हूँ। देखना तो पड़ेगा किसका बेटा हूँ।

माँ: अच्छा तो हम एक काम करते हैं। मैं तो नंगी ही हूँ। तुम भी नंगे हो जाओ।

मैं खुश हो गया और जल्दी-जल्दी कपड़े उतारकर नंगा हो गया।

और माँ को कहा—

मैं: माँ तुमने तो नहीं नहाया होगा तो आज तुम्हें मैं नहला देता हूँ।

माँ: ठीक है चलो।

तो मैं माँ को लेके कुएँ के पास गए और हम दोनों ही नंगे थे। और मेरा लंड एकदम खड़ा था और माँ के बूब्स के निप्पल्स भी हार्ड हो गए थे। तो मैंने कुएँ से पानी उठाया और माँ के बूब्स को दबाना शुरू किया तो माँ ने भी मेरा खड़ा लंड को पकड़ लिया और आगे-पीछे करना शुरू कर दिया।

तो मुझे बहुत मजा आ रहा था क्योंकि पहली बार किसी औरत ने मेरे लंड को पकड़ा था और ये औरत तो मेरी माँ थी। थोड़ी ही देर में मेरा माल निकलने वाला था तो मैंने माँ को कहा तो माँ ने भी कहा—

माँ: निकलने दे।

फिर मैंने माँ को चोदना चाहा तो माँ ने मना कर दिया और कहा—

माँ: अभी नहीं। बाद में।

तो मैं भी मान गया क्योंकि मैं पहली बार सेक्स करने वाला था तो कोई जबरदस्ती नहीं करना चाहता था। तो फिर मैंने माँ को नहलाना शुरू किया और पहले पूरे बॉडी पे एक गमला पानी डाल दिया और माँ को खड़ा होने को कहा। फिर साबुन लगाना शुरू कर दिया।

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